CG News: धमतरी जिले के एक मासूम बच्चे के लिए राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) के तहत संचालित ‘चिरायु योजना’ जीवनदायिनी साबित हुई। जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित भाव्यांश साहू का समय पर पता लगने के बाद सफल ऑपरेशन कराया गया, जिससे अब वह पूरी तरह स्वस्थ होकर सामान्य जीवन जी रहा है।
यह मामला फरवरी 2026 का है, जब धमतरी की शहरी चिरायु टीम ने जालमपुर स्थित आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक-01 में नियमित स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान भाव्यांश की जांच की। चिकित्सकों ने बच्चे में जन्मजात हृदय रोग के लक्षण पहचान लिए और बिना देर किए उसे आगे के उपचार के लिए श्री सत्य साईं अस्पताल, नया रायपुर रेफर किया।
विशेषज्ञ डॉक्टरों की जांच और परामर्श के बाद बच्चे की हृदय सर्जरी करने का निर्णय लिया गया। 31 अगस्त 2026 को भाव्यांश को अस्पताल में भर्ती किया गया और 2 सितंबर को विशेषज्ञ कार्डियाक सर्जनों की टीम ने सफलतापूर्वक ऑपरेशन किया। उपचार और लगातार चिकित्सकीय निगरानी के बाद बच्चे के स्वास्थ्य में तेजी से सुधार हुआ तथा 9 सितंबर को उसे स्वस्थ अवस्था में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) का उद्देश्य जन्म से 18 वर्ष तक के बच्चों में जन्मजात विकृतियों, गंभीर बीमारियों और पोषण संबंधी समस्याओं की समय पर पहचान कर उन्हें निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराना है। भाव्यांश की सफल सर्जरी इस योजना की प्रभावी कार्यप्रणाली का उदाहरण मानी जा रही है, जिसने एक मासूम को नई जिंदगी दी और उसके परिवार के चेहरे पर फिर से मुस्कान लौटा दी।


