CG Election: बीरगांव नगर निगम चुनाव की तैयारियां तेज हो गई हैं। नवंबर-दिसंबर में प्रस्तावित चुनाव को लेकर मंगलवार को कलेक्टोरेट परिसर स्थित रेडक्रॉस सभाकक्ष में कलेक्टर की मौजूदगी में वार्डों के आरक्षण की प्रक्रिया पूरी की गई। नए परिसीमन के कारण इस बार सभी 40 वार्डों का आरक्षण नए सिरे से तय किया गया।![]()
आरक्षण में बदले कई नेताओं के समीकरण
आरक्षण प्रक्रिया के तहत सबसे पहले अनुसूचित जनजाति और अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित वार्डों की घोषणा की गई। इसके बाद अन्य पिछड़ा वर्ग और अन्य पिछड़ा वर्ग महिला के लिए लॉटरी के माध्यम से वार्ड तय किए गए। नए आरक्षण के बाद कई पुराने नेताओं के वार्ड आरक्षित हो गए हैं।
चार बार के पार्षद इकराम अहमद और दो बार के पार्षद मोहम्मद रियाज का वार्ड अब अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित हो गया है। वहीं महापौर नंदलाल देवांगन का वार्ड भी अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित हुआ है, जिससे वे पार्षद का चुनाव लड़ सकते हैं और महापौर पद के लिए अपनी पत्नी की दावेदारी भी पेश कर सकते हैं।
कई वार्डों में बदला चुनावी गणित
कांग्रेस के वरिष्ठ पार्षद सुदन सिकली का वार्ड इस बार महिला के लिए आरक्षित हुआ है। पिछली बार इस वार्ड से उनकी पत्नी कविता सिकली चुनाव जीत चुकी थीं। भाजपा के होरीलाल देवांगन का वार्ड भी अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित हुआ है, जिससे उनके फिर से वार्ड क्रमांक 32 से चुनाव लड़ने की संभावना बनी हुई है।
भाजपा और कांग्रेस के बीच टक्कर
पिछले नगर निगम चुनाव में कांग्रेस को 19, भाजपा को 10, जनता कांग्रेस को 5 और 6 निर्दलीय पार्षदों को जीत मिली थी। बाद में निर्दलीय पार्षदों के समर्थन से नंदलाल देवांगन महापौर बने थे।
इस बार जनता कांग्रेस के कई नेता भाजपा में शामिल हो चुके हैं। ऐसे में राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बीरगांव नगर निगम चुनाव में मुख्य मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच होने की संभावना है। महापौर पद के लिए भी दोनों दलों में महिला उम्मीदवारों की दावेदारी तेज हो गई है।
