Sonam Wangchuk: NEET पेपर लीक के विरोध में 27 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक ने अपना अनशन समाप्त कर दिया। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल पहुंचे, जहां जेपी नड्डा ने उन्हें जूस पिलाकर अनशन समाप्त कराया।![]()
सरकार से मिला लिखित आश्वासन
सोनम वांगचुक ने वीडियो संदेश जारी कर बताया कि पिछले दो दिनों से सरकार के साथ लगातार बातचीत चल रही थी। उन्होंने कहा कि उनकी तीन प्रमुख मांगों पर सरकार ने लिखित आश्वासन दिया, जिसके बाद उन्होंने भूख हड़ताल समाप्त करने का निर्णय लिया।
इन मांगों पर मिला आश्वासन
सोनम वांगचुक ने बताया कि सरकार ने प्रदर्शन में शामिल छात्रों पर मामला दर्ज नहीं करने, पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही तय करने के मुद्दे पर संसद में चर्चा कराने तथा आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिजनों को उचित मुआवजा देने का आश्वासन दिया है।
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर नहीं बनी सहमति
उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर सरकार की ओर से कोई आश्वासन नहीं दिया गया। हालांकि उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा छात्रों पर कार्रवाई रोकना था। उन्होंने कहा कि छात्रों के हित को प्राथमिकता देते हुए अनशन समाप्त करने का फैसला लिया गया।
आंदोलन जारी रहेगा
सोनम वांगचुक ने कहा कि आगे की लड़ाई जारी रहेगी और अन्य मांगों के लिए अलग तरीके से संघर्ष किया जाएगा। वहीं आंदोलन से जुड़े अन्य लोगों ने भी कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार और अन्य मांगों को लेकर आंदोलन जारी रहेगा।
उन्होंने बताया कि विभिन्न राजनीतिक दलों के कई सांसदों ने उनका समर्थन किया और संसद में नीट पेपर लीक तथा परीक्षा प्रणाली का मुद्दा उठाने का भरोसा दिया। सरकार के साथ दो दिनों तक चली बातचीत के बाद लिखित आश्वासन पर सहमति बनी। उन्होंने कहा कि अपनी जान जोखिम में डालने के बजाय आंदोलन को आगे जारी रखने के लिए अनशन समाप्त करना उचित समझा। उनके अनुसार आंदोलन में शामिल छात्रों की सुरक्षा उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता रही।



