Mahtari Vandan Yojna: महतारी वंदन योजना का लाभ लेने से वंचित रह गई पात्र महिलाओं के लिए राहत भरी खबर है। महिला एवं बाल विकास विभाग शासन के निर्देश पर योजना का पोर्टल दोबारा शुरू करने की तैयारी कर रहा है। पहले चरण में छूट गईं या तकनीकी कारणों से सूची में शामिल नहीं हो सकीं महिलाओं को निर्धारित प्रक्रिया के तहत दोबारा आवेदन करने का अवसर मिलेगा।![]()
दस्तावेज सत्यापन के बाद होगा आवेदन
विभाग के अनुसार इस बार आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह दस्तावेज आधारित होगी। पात्र महिलाओं के नाम वैध दस्तावेजों के सत्यापन के बाद ही पोर्टल पर दर्ज किए जाएंगे। आवेदन प्रक्रिया की शुरुआत बस्तर संभाग से की जा रही है, जिसे चरणबद्ध तरीके से धमतरी सहित पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा।
छूटी हुई महिलाओं को मिलेगा दूसरा मौका
Mahtari Vandan Yojna: धमतरी जिले में योजना के तहत करीब 2.27 लाख महिलाओं का ई-केवाईसी कराने का लक्ष्य तय किया गया था। इनमें लगभग 5 हजार महिलाएं आधार और बैंक खाते की लिंकिंग, बायोमेट्रिक सत्यापन या अन्य तकनीकी कारणों से ई-केवाईसी पूरा नहीं करा सकीं। इसके अलावा कई पात्र महिलाएं पहली बार आवेदन नहीं कर पाई थीं। अब ऐसे सभी हितग्राहियों को दोबारा आवेदन करने का अवसर मिलेगा।
ये दस्तावेज पहले से रखें तैयार
महिला एवं बाल विकास विभाग ने पात्र महिलाओं से बैंक खाते को आधार से लिंक कराने, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण की सुविधा सक्रिय रखने तथा विवाह, निवास, राशन कार्ड और पहचान संबंधी सभी दस्तावेज अद्यतन रखने की अपील की है। जिन महिलाओं का ई-केवाईसी अधूरा है, वे चॉइस सेंटर के माध्यम से इसे पूरा करा सकती हैं।
महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों के अनुसार योजना के तहत पात्र विवाहित महिलाओं को प्रतिमाह 1000 रुपए, यानी सालाना 12 हजार रुपए की आर्थिक सहायता सीधे बैंक खाते में दी जाती है। विभाग का उद्देश्य है कि कोई भी पात्र महिला योजना के लाभ से वंचित न रहे। इसके लिए लगातार प्रचार-प्रसार भी किया जा रहा है।
जल्द शुरू हो सकता है पोर्टल
विभागीय स्तर पर पोर्टल दोबारा शुरू करने की तैयारी अंतिम चरण में है। संभावना है कि अगले एक सप्ताह के भीतर आवेदन प्रक्रिया फिर से शुरू कर दी जाएगी। इसके बाद नई पात्र महिलाएं और पहले चरण में छूट गई महिलाएं आवेदन कर सकेंगी।
ये दस्तावेज जरूरी
आवेदन के समय महिलाओं को आधार कार्ड, बैंक खाता विवरण, निवास प्रमाण पत्र, विवाह संबंधी दस्तावेज तथा अन्य आवश्यक अभिलेख जमा करने होंगे। दस्तावेजों के सत्यापन के बाद पात्र महिलाओं के नाम योजना में शामिल किए जाएंगे।

