CG News: हीटवेव से निपटने स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, अस्पतालों में ORS और जरूरी दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश

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CG News: छत्तीसगढ़ में बढ़ते तापमान और संभावित हीटवेव को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड में आ गया है। संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं, छत्तीसगढ़ द्वारा जारी एडवाइजरी के अनुसार राज्य के जिला अस्पतालों सहित सभी स्वास्थ्य संस्थानों में गर्मी से होने वाली बीमारियों के उपचार और प्रबंधन के लिए आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

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जारी निर्देशों के अनुसार जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) में हीट स्ट्रोक प्रबंधन कक्ष सक्रिय रखे जाएंगे। इन केंद्रों में पर्याप्त मात्रा में ओआरएस, आईवी फ्लूड, जीवन रक्षक दवाइयों के साथ ही शीतलन से संबंधित आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध रखने को कहा गया है, ताकि गर्मी से प्रभावित मरीजों को तुरंत उपचार मिल सके।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार समुचित सुविधाओं से युक्त ऊष्मा आघात कक्ष रायपुर और दुर्ग जिला अस्पताल में स्थापित किए जा चुके हैं, वहीं अन्य जिलों में भी इस तरह के कक्ष बनाए जाने के निर्देश दिए गए हैं।

इसके साथ ही एम्बुलेंस सेवाओं को भी अलर्ट मोड में रखने और जरूरत पड़ने पर त्वरित चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है।

राष्ट्रीय जलवायु परिवर्तन कार्यक्रम की राज्य कार्यक्रम अधिकारी डॉ. स्मृति देवांगन ने बताया कि अत्यधिक तापमान के संपर्क में आने से शरीर में हीट स्ट्रेस की स्थिति बन सकती है। इसके कारण हीट रैश, मांसपेशियों में ऐंठन, चक्कर आना, सिरदर्द, अत्यधिक प्यास और उल्टी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। गंभीर स्थिति में जब शरीर का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक हो जाता है तो हीट स्ट्रोक की स्थिति बन जाती है, जिसे चिकित्सकीय आपातकाल माना जाता है।

हीटवेव से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, हल्के और ढीले सूती कपड़े पहनने तथा दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच धूप में निकलने से बचने की सलाह दी है। घर से बाहर निकलते समय सिर को ढककर रखने, नींबू पानी, छाछ और मौसमी फलों का सेवन करने की भी सलाह दी गई है, जिससे शरीर हाइड्रेट बना रहता है।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और खुले में काम करने वाले श्रमिकों को गर्मी से अधिक जोखिम रहता है। ऐसे में इन वर्गों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। यदि किसी व्यक्ति में तेज बुखार, बेहोशी, भ्रम, अत्यधिक कमजोरी या पसीना आना बंद होने जैसे लक्षण दिखाई दें तो उसे तुरंत ठंडी जगह पर ले जाकर आपातकालीन सेवा 108 के माध्यम से चिकित्सा सहायता उपलब्ध करानी चाहिए।

 

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