CG Budget Session 2026: विधानसभा में धान खरीदी को लेकर हंगामा, लखमा ने किया सवाल- जिन किसानों का धान नहीं खरीदा गया उनका कर्ज कौन चुकाएगा?

CG Budget Session 2026

CG Budget Session 2026: होली के अवकाश के बाद आज से छत्तीसगढ़ विधानसभा बजट सत्र 2026 की कार्रवाई एक बार फिर शुरू हो गई है। विधानसभा में धान खरीदी का मुद्दा गरमाता नजर आया। कांग्रेस विधायकों ने धान खरीदी को लेकर सरकार को घेरते हुए खाद्य मंत्री दयालदास बघेल से कई सवाल किए। मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने नारेबाजी करते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया।

प्रश्नकाल के दौरान विधायक लखेश्वर बघेल ने वर्ष 2025-26 में हुई धान खरीदी और उसके उठाव को लेकर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा दी गई जानकारी में धान खरीदी कब शुरू हुई और किस्तों की स्थिति का स्पष्ट उल्लेख किया जाना चाहिए।

इस पर मंत्री दयालदास बघेल ने बताया कि बस्तर संभाग में कुल 46,846.86 मीट्रिक टन, बीजापुर में 21,888.59 मीट्रिक टन, दंतेवाड़ा में 9,757 मीट्रिक टन, कांकेर में 1,47,528.3 मीट्रिक टन, कोंडागांव में 58,911.78 मीट्रिक टन, नारायणपुर में 17,383.06 मीट्रिक टन और सुकमा में 16,608.14 मीट्रिक टन धान का उठाव किया गया है।

विधायक लखेश्वर बघेल ने कहा कि किसान लगातार एसडीएम कार्यालय सहित विभिन्न जगहों के चक्कर काटते रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि धान खरीदी में बड़ा घोटाला हो रहा है। कहीं धान में पानी डाला जा रहा है तो कहीं अन्य अनियमितताएं हो रही हैं। उन्होंने पूछा कि कितने किसानों को वनाधिकार पट्टा मिला है और कितने किसान ऋणधारी हैं।

इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी सवाल उठाते हुए पूछा कि बस्तर के कितने किसानों का दूसरा टोकन कटा, लेकिन वे धान नहीं बेच पाए। उन्होंने यह भी पूछा कि ऐसे कितने ऋणी किसान हैं जिनका टोकन कटा, फिर भी उनका धान नहीं खरीदा गया। उन्होंने सवाल किया कि क्या सरकार ऐसे किसानों का धान खरीदेगी या उनका कर्ज माफ करेगी।

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इसके जवाब में मंत्री दयालदास बघेल ने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय भी ऋणी किसानों का धान नहीं खरीदा गया था।

पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा ने भी इस मुद्दे को उठाते हुए पूछा कि बस्तर संभाग के 32 हजार से अधिक आदिवासी किसानों से धान खरीदी क्यों नहीं की गई। उन्होंने कहा कि जिन किसानों ने पंजीयन कराया और टोकन कटवाया, उनके धान की खरीदी क्यों नहीं हुई।

लखमा ने कहा कि बस्तर के किसानों का करीब 206 करोड़ रुपये का धान भुगतान होना था। उन्होंने सवाल किया कि जिन किसानों ने कर्ज लेकर खेती की और जिनका धान नहीं खरीदा गया, उनका कर्ज अब कौन चुकाएगा।

खाद्य मंत्री ने जवाब देते हुए कहा कि जिन किसानों ने धान खरीदी केंद्र तक धान पहुंचाया, उनका धान खरीदा गया है। हालांकि इस जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने सदन में नारेबाजी की और वॉकआउट कर दिया।

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