Raipur News: राजधानी रायपुर के तूता इलाके में लंबे समय से धरने पर बैठे अभ्यर्थियों पर पुलिस प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। बुधवार को आत्मदाह की कोशिश के बाद लगभग 125 डीएड कैंडिडेट्स को जेल भेजा गया था। इनमें 45 महिला और 80 पुरुष अभ्यर्थी शामिल हैं। गुरुवार को मंत्रालय घेराव के लिए निकले CAF कैंडिडेट्स में से 50 से अधिक को भी पुलिस ने हिरासत में लेकर जेल भेज दिया।

मंत्रालय घेराव से पहले रोके गए CAF अभ्यर्थी
गुरुवार सुबह CAF कैंडिडेट्स जब मंत्रालय घेराव के लिए निकले तो पुलिस ने उन्हें तूता प्रदर्शन स्थल के प्रवेश द्वार पर ही रोक दिया। लंबी बातचीत और समझाइश के बावजूद जब प्रदर्शनकारी नहीं माने तो पुलिस ने बल प्रयोग किया।
महिला और पुरुष अभ्यर्थियों को बसों में बैठाकर सेंट्रल जेल लाया गया। लगभग 50 अभ्यर्थियों का मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है, जिसके बाद उन्हें जेल भेजा जाएगा। आंदोलन के दौरान अब तक 200 से अधिक युवाओं की तबीयत बिगड़ने की जानकारी सामने आई है।

60 दिन से अधिक समय से जारी है धरना
दोनों समूह – डीएड और CAF अभ्यर्थी – 60 दिनों से अधिक समय से धरने पर बैठे हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि बिना अनुमति आक्रामक प्रदर्शन या मंत्रालय घेराव की अनुमति नहीं दी जाएगी। हालांकि, पुलिस कार्रवाई का आंदोलन पर खास असर नहीं दिख रहा है। अभ्यर्थियों का कहना है कि मांग पूरी होने तक प्रदर्शन जारी रहेगा।
सहायक शिक्षक भर्ती 2023 को लेकर नाराजगी
डीएड अभ्यर्थियों (Raipur DEd candidates jail) का कहना है कि सहायक शिक्षक भर्ती 2023 में कुल 2300 पद थे, जिनमें लगभग 1600 पद अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए आरक्षित थे। इसके बावजूद अब तक नियुक्ति नहीं दी गई है। अभ्यर्थियों ने राज्य सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाया है। (DEd कैंडिडेट्स जेल)
कोर्ट के आदेशों की अवहेलना का आरोप
प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों के अनुसार छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने 2 अप्रैल 2024 और 26 सितंबर 2025 को भर्ती से संबंधित आदेश दिए थे, जबकि सुप्रीम कोर्ट ने 28 अगस्त 2024 को स्पष्ट निर्देश जारी किए थे। इसके बावजूद भर्ती प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाई गई, जिसे अभ्यर्थी न्यायालय की अवहेलना बता रहे हैं।
CAF वेटिंग लिस्ट के 417 अभ्यर्थी प्रभावित
CAF कैंडिडेट्स (CAF candidates Jail Raipur) का कहना है कि वर्ष 2018 में भर्ती प्रक्रिया शुरू हुई थी। मेरिट लिस्ट के बाद वेटिंग लिस्ट जारी की गई, जिसमें 417 अभ्यर्थी शामिल थे। मेरिट सूची के उम्मीदवारों की भर्ती के बाद वेटिंग लिस्ट वालों से कहा गया कि पद खाली नहीं हैं। (CAF कैंडिडेट्स जेल)
बाद में कुछ चयनित उम्मीदवार मेडिकल में अयोग्य हो गए और कुछ ने नौकरी छोड़ दी, जिससे पद रिक्त हुए। इस बीच सरकार बदल गई, लेकिन वेटिंग लिस्ट के अभ्यर्थियों की भर्ती नहीं हुई। समय बीतने के साथ 417 में से 250 से अधिक अभ्यर्थी ओवर एज हो गए हैं। जिनकी उम्र भर्ती के समय 28 से 32 वर्ष थी, अब 36 से 40 वर्ष तक पहुंच गई है।
अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री और गृहमंत्री से भी गुहार लगाई, लेकिन अब तक समाधान नहीं निकल पाया है।
