IndiGo Crisis: इंडिगो संकट ने देशभर के यात्रियों को जिस तरह परेशान किया है, उसके बाद अब सरकार पूरी तरह एक्शन मोड में आ गई है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने न सिर्फ इंडिगो को यात्रियों का पैसा तुरंत रिफंड करने का निर्देश दिया है, बल्कि सभी एयरलाइंस के मनमाने किराये पर भी रोक लगा दी है। मंत्रालय ने अपनी रेगुलेटरी पावर का इस्तेमाल करते हुए हर रूट के लिए एक तय सीमा निर्धारित कर दी है, ताकि फ्लाइट रद्द होने या कम पड़ने की स्थिति में यात्रियों से जरूरत से ज्यादा रकम न वसूली जाए। सरकार के नए नियमों के बाद अब 500 किलोमीटर तक की यात्रा के लिए अधिकतम किराया 7500 रुपये तय किया गया है। वहीं, लंबी दूरी वाली उड़ानों के लिए भी जल्द नई दरें जारी की जा रही हैं। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब रायपुर, कोलकाता, हैदराबाद, इंदौर समेत कई रूट्स पर फ्लाइट कैंसिल होने की वजह से हजारों यात्री एयरपोर्ट में घंटों फंसे रहे। सरकार का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी परिस्थिति में अनावश्यक किराया बढ़ोतरी स्वीकार नहीं की जाएगी।घरेलू शेड्यूल्ड एयरलाइंस यात्रियों से नीचे बताई गई सीमा से अधिक किराया नहीं वसूल सकती हैं।
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500 किमी तक की दूरी: अधिकतम किराया 7500 रुपये
• 500-1000 किमी की दूरी: अधिकतम किराया 12000 रुपये
• 1000-1500 किमी की दूरी: अधिकतम किराया 15000 रुपये
• 1500 किमी से अधिक की दूरी: अधिकतम किराया 18000 रुपयेसरकार ने इंडिगो से रद्द उड़ानों के लिए रिफंड प्रक्रिया रविवार शाम तक पूरी करने को कहा
इंडिगो की उड़ान बाधित होने से हजारों यात्रियों के प्रभावित होने के बीच नागर विमानन मंत्रालय ने शनिवार को एयरलाइन को निर्देश दिया कि रद्द की गई उड़ानों के लिए टिकट के रिफंड की प्रक्रिया रविवार शाम तक पूरी कर ली जाए। सरकार ने साथ ही यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि यात्रियों के छूटे हुए सामानों को अगले दो दिनों में उन तक पहुंचा दिया जाए।
यात्रियों के सामान को घर पहुंचाने के दिए निर्देश
इसके अलावा, एयरलाइन को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि जिन यात्रियों का ट्रैवल प्लान रद्द या प्रभावित हुआ है, उनसे कोई रिशेड्यूलिंग चार्जेस न लिए जाएं। मंत्रालय ने साफ किया कि रिफंड प्रक्रिया में किसी भी तरह की देरी या नियमों का पालन न करने पर तुरंत नियामक कार्रवाई की जाएगी। मंत्रालय ने यह भी निर्देश दिया कि एयरलाइन यह सुनिश्चित करे कि उड़ान रद्द होने या देरी के कारण यात्रियों के छूटे हुए सामान का पता लगाया जाए और अगले 48 घंटों के भीतर उन तक पहुंचाया जाए।
यात्रियों की सुविधा और शिकायत निवारण को सुनिश्चित करने के लिए मंत्रालय ने इंडिगो को निर्देश दिया कि वह डेडिकेटेड पैसेंजर सपोर्ट और रिफंड फैसिलिटेशन सेल्स स्थापित करें। इन सेल्स का काम होगा प्रभावित यात्रियों से संपर्क करना और यह सुनिश्चित करना कि वे रिफंड और अन्य ट्रैवल अरेंजमेंट्स के लिए बार-बार फॉलो-अप करने की जरूरत न महसूस करें। मंत्रालय ने कहा कि परिचालन पूरी तरह से स्थिर होने तक ऑटोमेटिक रिफंड सिस्टम सक्रिय रहेगा।
इंडिगो का बयान
इंडिगो के परिचालन में आ रही समस्याओं पर एयरलाइन की ओर से शनिवार को बयान जारी किया गया। इस बयान में इंडिगो ने कहा कि एयरलाइन पूरे नेटवर्क में अपने परिचालन को पटरी पर लाने के लिए पूरी लगन से काम कर रही है। इंडिगो ने कहा, ‘हमारी टीमें शेड्यूल को स्थिर करने, देरी को कम करने और इस दौरान ग्राहकों की मदद करने पर केंद्रित हैं। शनिवार को रद्दीकरण की संख्या 850 उड़ानों से नीचे आ गई है, जो कल की तुलना में काफी कम है। हम अगले कुछ दिनों में इस संख्या को धीरे-धीरे कम करने की दिशा में काम कर रहे हैं।’
