रायपुर | CG News : छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी की सरकार सत्ता में आने से पहले 2023 के चुनावी घोषणापत्र में एक बड़ी लाइन बोली गई थी गारंटी पूरी होने की गारंटी। तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष अरुण साव और घोषणा पत्र समिति के संयोजक विजय बघेल ने जनता से कई बड़े वादे किए थे। इन्हीं वादों में एक अहम घोषणा थी 57,000 शिक्षकों की भर्ती।
लेकिन समय बीतता गया। अब सरकार बने लगभग दो साल होने को आ रहे हैं। राज्य के बेरोज़गार युवाओं के मन में सिर्फ एक ही सवाल है आखिर ये भर्ती कब होगी? डिग्रियां हाथ में हैं, दस्तावेज़ तैयार हैं, प्रशिक्षण पूरा है, लेकिन सरकारी स्कूलों में आज भी भारी संख्या में पद खाली हैं और भर्ती प्रक्रिया जमीन पर उतरती नजर नहीं आती।
शिक्षा व्यवस्था को मज़बूत बनाने की बात हर सरकार करती है। लेकिन जब शिक्षक ही नहीं मिलेंगे, तो पाठशालाएं कैसे संवरेंगी? युवा लगातार इंतजार कर रहे हैं, कई जिलों में प्रदर्शन हो रहे हैं, ज्ञापन दिए जा रहे हैं लेकिन जवाब अभी भी अधर में है।
ऐसे में सोचने वाली बात ये है की क्या चुनावी घोषणाएं सिर्फ कागज़ों पर ही सुंदर लगती हैं? क्या 57,000 शिक्षकों की भर्ती का वादा सिर्फ एक उम्मीद बनकर रह जाएगा? जब युवाओं के पास योग्यता है, डिग्री है, मेहनत है तो नौकरी क्यों नहीं?
