Durg Teachers Suspended: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में शिक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन शिक्षकों को निलंबित कर दिया है। आरोप है कि ये शिक्षक स्कूल समय में पढ़ाई कराने के बजाय हर्बल नेटवर्किंग (herbal networking Chhattisgarh) कारोबार में जुटे थे। वहीं एक व्याख्याता के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा लोक शिक्षण संचालनालय को भेजी गई है।

हर्बल नेटवर्किंग में लगे थे शिक्षक (teachers herbal life business)
मामले की शिकायत सीधे शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव से की गई थी। शिकायत मिलने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) ने धमधा बीईओ को जांच के निर्देश दिए। जांच में यह पाया गया कि कई शिक्षक स्कूल समय में हर्बल लाइफ उत्पादों का प्रचार-प्रसार, वजन घटाने की सलाह, सदस्यता दिलाने, ऑफिस में मीटिंग करने और ऑनलाइन सेशन लेने में व्यस्त रहते थे।

शिकायत के बाद कराई गई जांच (Chhattisgarh education department action)
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए डीईओ ने विकासखंड शिक्षा अधिकारी धमधा से मामले की जांच कराई गई। जांच में विकासखण्ड धमधा में संचालित विद्यालयों में कार्यरत लोमन वर्मा व्याख्याता शास.उ.मा.वि. घोटवानी, बलदाउ पटेल सीएसी संकुल केन्द्र बोरी (मूल पद-शिक्षक एलबी), मुकेश चतुर्वेदी शिक्षक (एलबी), शास. पूर्व माध्य. शाला दनिया एवं खिलेश्वरी चतुर्वेदी सहायक शिक्षक शास.प्राथ. शाला फुण्डा द्वारा हर्बल उत्पादों का प्रचार-प्रसार किया जाना पाया गया।
जिला शिक्षा अधिकारी ने संबंधित शिक्षकों / व्याख्याता के द्वारा उक्त कार्य सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के विपरीत पाए जाने के कारण खिलेश्वरी चतुर्वेदी, सहायक शिक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। साथ ही लोमन वर्मा व्याख्याता के विरूद्ध अनुशंसा सहित अनुशासनात्मक कार्यवाही हेतु प्रस्ताव संचालक लोक शिक्षण संचालनालय, नवा रायपुर की ओर प्रेषित किया गया है। संयुक्त संचालक शिक्षा संभाग दुर्ग द्वारा बलदाउ पटेल सीएसी संकुल केन्द्र बोरी तथा मुकेश चतुर्वेदी शिक्षक (एलबी) के विरूद्ध निलंबन कार्रवाई की गई है।

पहले भी होती रही है शिकायत
जिले के धमधा ही नहीं पाटन और दुर्ग ब्लाक में भी कई शिक्षक हर्बल नेटवर्किंग कारोबार से जुड़े हुए हैं। इस आशय की शिकायत समय-समय पर की जाती रही है। इस पर जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा सभी संस्था प्रमुखों को पत्र जारी कर ऐसे कारोबार से जुड़े शिक्षकों व अन्य स्टाफ के संबंध में जानकारी देने कहा जाता रहा है। लेकिन इस मामले में पहली बार जांच कराई गई और दोषी शिक्षकों के खिलाफ निलंबन कार्रवाई की गई।
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