Raipur news : छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल (Vyapam Exam) द्वारा रविवार को आयोजित आबकारी आरक्षक भर्ती परीक्षा को लेकर प्रदेशभर में विवाद खड़ा हो गया। विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर सैकड़ों अभ्यर्थियों को मामूली ड्रेस कोड की वजह से परीक्षा देने से रोक दिया गया, जिससे छात्रों में आक्रोश है। राजधानी रायपुर के टाटीबंध स्थित आदर्श महाविद्यालय परीक्षा केंद्र में NSUI ने प्रदर्शन करते हुए दोबारा परीक्षा आयोजित करने की मांग की। (Excise Constable Exam Chhattisgarh)

कपड़े के रंग, कॉलर और चप्पलों पर आपत्ति, छात्रों को नहीं मिला प्रवेश
व्यापम द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार अभ्यर्थियों को परीक्षा शुरू होने से दो घंटे पहले केंद्र पर पहुंचना था। बावजूद इसके, समय पर पहुंचने के बाद भी कई परीक्षार्थियों को ड्रेस संबंधी आपत्तियों के आधार पर परीक्षा से वंचित कर दिया गया। कुछ को शर्ट के कॉलर, कुछ को चप्पल पहनने और कुछ को कपड़ों के रंग के कारण एग्ज़ाम हॉल में प्रवेश नहीं मिला।
यह स्थिति केवल रायपुर तक सीमित नहीं रही। प्रदेश के अन्य जिलों से भी ऐसे मामलों की जानकारी सामने आई, जहां छात्रों को इन नियमों के चलते परीक्षा देने से रोका गया।

NSUI ने जताया विरोध, दोबारा परीक्षा की मांगज (NSUI Protest)
इस पूरे प्रकरण को लेकर NSUI के राष्ट्रीय सचिव हनी बग्गा ने परीक्षा केंद्र पर पहुंचकर विरोध जताया। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा- आज सुबह से हमें प्रदेशभर से छात्रों के फोन आ रहे थे कि उन्हें मामूली कारणों से परीक्षा देने से रोका जा रहा है। हम खुद आदर्श कॉलेज परीक्षा केंद्र पहुंचे और देखा कि दर्जनों छात्र बाहर खड़े हैं। किसी को कपड़े के रंग, तो किसी को कॉलर के कारण, किसी को चप्पल पहनने के कारण परीक्षा से बाहर किया गया। यह छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ है।
NSUI के राष्ट्रीय सचिव हनी बग्गा ने आगे राज्य सरकार और व्यापम (Vyapam Exam Chhattisgarh) पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यदि इन अभ्यर्थियों को दोबारा मौका नहीं मिला तो NSUI पूरे प्रदेश में आंदोलन करेगी। उन्होंने दोहराया कि यह विद्यार्थियों के साथ अन्याय है और सरकार को इसका जवाब देना होगा।
