रायपुर : छत्तीसगढ़ विधानसभा सत्र के अंतिम दिन शुक्रवार को सदन में धान खरीदी, नीलामी और संग्रहण को लेकर तीखी बहस देखने को मिली। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सरकार से स्पष्ट जवाब मांगते हुए पूछा कि “यदि धान खरीदी केंद्रों से उठा लिया गया है, तो धान गया कहां?”

भूपेश बघेल के सवाल
भूपेश बघेल ने कहा- “1,59,000 मीट्रिक टन धान राइस मिलर्स को दिया गया, 51,000 मीट्रिक टन संग्रहण केंद्र में है, लेकिन सवाल यह है कि नीलामी कितनी हुई और एफसीआई-नान को क्या पर्याप्त स्टॉक मिल पाया?”
मंत्री दयालदास बघेल का जवाब
खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने जवाब देते हुए कहा- बालोद विधानसभा क्षेत्र में कुल 2,25,000 मीट्रिक टन धान की खरीदी हुई थी। इसमें से 1,79,700 मीट्रिक टन धान राइस मिलर्स को दिया गया। 51,691 मीट्रिक टन धान संग्रहण केंद्रों में मौजूद है। लगभग 1,000 मीट्रिक टन धान अब भी खरीदी केंद्रों में रखा हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि सभी आंकड़े पारदर्शी हैं। नीलामी प्रक्रिया और एफसीआई/नान को धान देने की प्रक्रिया नियमों के तहत हो रही है।
ED रेड के बीच कांग्रेस की नाराज़गी
सदन में कांग्रेस विधायकों ने ED की कार्रवाई को लेकर भी विरोध के संकेत दिए। भूपेश बघेल के घर पड़ी रेड के बाद कांग्रेस विधायकों ने हंगामे की तैयारी कर ली थी। हालांकि सत्र के अंतिम दिन का अधिकतर हिस्सा धान खरीदी और अनुदानों पर ही केंद्रित रहा।
