Raipur News: राजधानी रायपुर में नगर निगम द्वारा शहर के सौंदर्यीकरण के नाम पर हर साल करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं, लेकिन बरसात के मौसम में इन दावों की पोल खुल जाती है। ताजा उदाहरण है कुशालपुर स्थित ऐतिहासिक पहाड़ी तालाब, जिसकी हालत इन दिनों बेहद दयनीय हो चुकी है। तालाब का सौंदर्यीकरण करने के नाम पर लाखों रुपए खर्च किए गए थे, लेकिन आज वहां न सफाई हो रही है और न ही नियमित रखरखाव का कोई अता-पता है। नतीजा यह है कि तालाब के चारों ओर गंदगी का अंबार है और पानी भी काई से भरा हुआ है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि बरसात में जलभराव और बदबू से वहां रुकना मुश्किल हो जाता है। वहीं बैठने की व्यवस्था, लाइटिंग, पौधरोपण और पाथवे जैसे सुविधाएं या तो पूरी तरह खराब हो चुकी हैं या कभी काम ही नहीं किया गया। तालाब के आस-पास बना ऑक्सीजोन पार्क भी उपेक्षा का शिकार है। यहां की झाड़ियाँ बढ़ चुकी हैं, ट्रैक पर कीचड़ और फिसलन है, जिससे लोगों की आवाजाही मुश्किल हो गई है।
इस स्थिति ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जनता के टैक्स के पैसों से बने ये स्थल यदि ऐसे ही उपेक्षा का शिकार होते रहे, तो शहर की सुंदरता और नागरिक सुविधा दोनों ही प्रभावित होंगे। नगर निगम सौंदर्यीकरण के बाद नियमित देखरेख और साफ-सफाई की भी जवाबदेही सुनिश्चित करे।
