राजधानी रायपुर में 8 सालों से अधूरे स्काई वाक को वापस बनाने का फैसला सरकार ने किया है. इसी बीच राजनीति में सियासी हलचल भी तेज हो गई है. भाजपा और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग शुरू हो गई है. इस पर रायपुर पश्चिम विधायक राजेश मूणत ने प्रेस कांफ्रेस में तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस नेताओं को कुछ समझ नहीं आता. कुछ भी बोल रहे हैं. कांग्रेस को पहले टेक्निकल रिपोर्ट पढ़नी चाहिए.
इस मुद्दे पर कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर का सरकार पर तंज कसते हुए एक बयान सामने आया है कि सरकार को अधूरे स्काई वाक पर पैसा खर्च करने के बजाय जनता की मांग के अनुसार फ्लाईओवर बनाने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए.इससे वर्तमान या भविष्य में यातायात व्यवस्था का सामना नहीं करना पड़ेगा.

राजेश मूणत ने स्काई वॉक को लेकर उठ रहे सवालों का प्रेस वार्ता में जबाव दिया. उन्होंने कहा कि साय सरकार ने विकास के लक्ष्य को रूपरेखा तैयार की है.2016 में बजट में प्रावधान के साथ शास्त्री चौक, जयस्तंभ चौक से जेल चौक तक स्काई वॉक बनाने का फैसला किया था. 2016-17 में एजेंसी से सर्वे कराकर स्काई वॉक को लेकर लोगों की इच्छा जानी गई. तत्कालीन महापौर, सभापति, ग्रामीण विधायक से उनकी राय जानी गई. इसके बाद 17 दिसंबर 2017 को कार्य की शुरुआत हुई.
इस दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री के साथ सभी लोग उपस्थित रहे. तब केवल रेणुका जोगी ने एक सवाल उठाया था, उनके अलावा किसी ने नहीं सवाल नहीं उठाया. सभी सर्वे आज भी पीडब्ल्यूडी विभाग के पास उपलब्ध हैं. काम चलते-चलते कुछ लोगों से सुझाव मिलते गए. 2018 में काम को कंप्लीट करना था, लेकिन नहीं हो पाया. सरकार बदली, तब कांग्रेस ने कहा कि स्काई वॉक नहीं बनना चाहिए. कई स्तरों पर जांच बैठा दी, सत्यनारायण शर्मा की अध्यक्षता में कमेटी गठित की. इसके अलावा कलेक्टर के नेतृत्व में जांच समिति बनाई गई.
अब स्काई वाक के कार्य को आगे बढ़ाने का फैसला लिया है.इसके लिए 37.75 करोड़ के टेंडर की मंजूरी हो गई है. अब काम तेजी से आगे बढ़ने का निर्देश दिया गया है.
