Balod police corruption: पुलिस का काम कानून व्यवस्था बनाए रखना और अपराध को रोकना होता है, लेकिन बालोद कोतवाली थाना क्षेत्र से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने खाकी पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां एक पुलिस आरक्षक पर आरोप है कि उसने एक ग्रामीण दंपति को जबरन अवैध शराब बेचने के लिए मजबूर किया और इस काम के लिए 62 हजार रुपये भी वसूल लिए।
शिकायत लेकर SP के पास पहुंचा पीड़ित दंपति
नेवारीकला निवासी दिलीप सतनामी और उनकी पत्नी लता बाई ने बालोद SP एस. आर. भगत से लिखित शिकायत की है। दंपति ने आरोप लगाया कि एक पुलिस आरक्षक ने उनके घर तक अवैध शराब पहुंचाई और दबाव बनाकर उसे बेचने को मजबूर किया। इतना ही नहीं, इस काम के लिए ऑनलाइन पेमेंट के जरिए 62 हजार रुपये भी वसूल लिए।

घर गिरवी रखने की नौबत, जेल भी गए पीड़ित
आरक्षक की इस दबंगई के कारण पीड़ित दंपति को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ा। हालात इतने बिगड़ गए कि उन्हें अपना घर तक गिरवी रखने की नौबत आ गई। इतना ही नहीं, आरक्षक के दबाव में आकर अवैध शराब की बिक्री करने वाले दिलीप सतनामी को जेल भी जाना पड़ा।
SP ने दिए जांच के आदेश
जब मामले ने तूल पकड़ा, तो पीड़ित दंपति ने SP के सामने अपनी फरियाद रखी। पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए SP एस. आर. भगत ने जांच के आदेश दिए हैं और दोषी पाए जाने पर आरक्षक के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।
अब देखने वाली बात यह होगी कि पुलिस विभाग अपने ही कर्मचारी के खिलाफ क्या कदम उठाता है और पीड़ित दंपति को कब न्याय मिलता है।
