Tomar Brothers Case Raipur: राजपूत करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना ने सोमवार को मीडिया से चर्चा करते हुए साफ कहा कि वीरेंद्र सिंह तोमर का करणी सेना से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि छत्तीसगढ़ में संगठन की कमान प्रदेश अध्यक्ष आलोक सिंह परिहार के हाथों में है और प्रदेश में करणी सेना की सारी गतिविधियां उनके नेतृत्व में ही संचालित हो रही हैं।

करणी सेना का नाम लेकर गुमराह करने का आरोप (Rajput Karni Sena Chhattisgarh)
महिपाल सिंह मकराना (Mahipal Singh Makrana) ने बताया कि हाल ही में कुछ स्थानों पर वीरेंद्र सिंह तोमर (Virendra Singh Tomar) द्वारा करणी सेना के नाम का दुरुपयोग किया जा रहा है। इस मामले को लेकर संगठन की बैठक भी हुई, जिसमें तय किया गया कि करणी सेना का नाम किसी भी निजी स्वार्थ या अवैध गतिविधि के लिए इस्तेमाल नहीं होने दिया जाएगा।

2 महीने से फरार तोमर बंधु
बता दें, वीरेंद्र सिंह तोमर और रोहित तोमर (Rohit Tomar) फिलहाल फरार चल रहे हैं। उनकी संपत्ति कुर्क हो चुकी है। इसके बावजूद वे करणी सेना के नाम का इस्तेमाल करके गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। अध्यक्ष मकराना ने जनता और मीडिया से अपील की कि वे ऐसे लोगों से सावधान रहें और संगठन की आधिकारिक घोषणा के अलावा किसी भी भ्रामक जानकारी पर विश्वास न करें। मकराना ने यह भी कहा कि करणी सेना अपने मूल उद्देश्यों पर अडिग है और समाज के हक और सम्मान की लड़ाई हमेशा जारी रखेगी।
