CG LIQUOR SCAM : छत्तीसगढ़ में बहुचर्चित शराब घोटाले केस में आज सुबह ACB-EOW की टीमों ने सुकमा, जगदलपुर, दंतेवाड़ा, अंबिकापुर और रायपुर में एक साथ दबिश दी. 5 जिलों के करीब 15 से ज्यादा ठिकानों पर कार्रवाई चल रही है.बताया जा रहा है कि जिन जगहों पर छापेमारी की गई है वे सभी ठिकाने पूर्व मंत्री कवासी लखमा से जुड़े लोगों के हैं.रायपुर के देवेंद्र नगर के शहीद हेमू कलाणी वार्ड स्थित जी नागेश्वर राव के घर में भी छापा पड़ा है. नागेश्वर राव कवासी लखमा और उनके बेटे हरीश लखमा के करीबी हैं. सुबह 2 गाड़ियों में करीब 8-10 अधिकारियों ने दबिश दी है. EOW-ACB की टीम दस्तावेज खंगाल रही है.
छत्तीसगढ़ शराब घोटाले मामले में ED जाँच कर रही हैं.ED ने ACB में FIR दर्ज कराई है। दर्ज FIR में 2 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा के घोटाले की बात कही गई है। ED ने अपनी जांच में पाया कि भूपेश सरकार के कार्यकाल में IAS अफसर अनिल टुटेजा, आबकारी विभाग के एमडी AP त्रिपाठी और कारोबारी अनवर ढेबर के सिंडिकेट के जरिए घोटाले को अंजाम दिया गया था.
ED की ओर से दर्ज कराई गई FIR की जांच ACB कर रही है. ACB से मिली जानकारी के अनुसार साल 2019 से 2022 तक सरकारी शराब दुकानों से अवैध शराब डुप्लीकेट होलोग्राम लगाकर बेची गई. इससे शासन को करोड़ों के राजस्व का नुकसान हुआ है.
ED का आरोप – कवासी लखमा सिंडिकेट के मुख्य हिस्सा
ED का आरोप है कि पूर्व मंत्री और मौजूदा विधायक कवासी लखमा सिंडिकेट के अहम हिस्सा थे. लखमा के निर्देश पर ही सिंडिकेट काम करता था. इनसे शराब सिंडिकेट को मदद मिलती थी.वही शराब नीति बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिससे छत्तीसगढ़ में FL-10 लाइसेंस की शुरुआत हुई. वही ED का दावा है कि लखमा को आबकारी विभाग में हो रही गड़बड़ियों की जानकारी थी, लेकिन उन्होंने उसे रोकने के लिए कुछ नहीं किया.
ED के वकील सौरभ पांडेय ने बताया कि, 3 साल शराब घोटाला चला. लखमा को हर महीने 2 करोड़ रुपए मिलते थे. इस दौरान 36 महीने में लखमा को 72 करोड़ रुपए मिले. ये राशि उनके बेटे हरीश कवासी के घर के निर्माण और कांग्रेस भवन सुकमा के निर्माण में लगे. ईडी ने कहा कि छत्तीसगढ़ में शराब घोटाले से सरकारी खजाने को भारी नुकसान हुआ है. शराब सिंडिकेट के लोगों की जेबों में 2,100 करोड़ रुपए से अधिक की अवैध कमाई भरी गई.
