WORLD TB DAY 2025: देश में covid 19 महामारी ने सबसे ज्यादा फेफड़ो को प्रभावित किया है, जिनमे अधिकांश TB के मामले सामने आ रहे हैं.जिससे हर साल लाखों लोगों की मौत हो जाती है.आज 24 मार्च को वर्ल्ड टीबी दिवस मनाया जाता है आईये जानते है की इस दिन टीबी दिवस मानाने के क्या कारण है.
बता दें, टीबी एक गंभीर संक्रामक बीमारी है, जो हर साल लाखों लोगों की जान लेती है. हालांकि, यह बीमारी पूरी तरह से इलाज योग्य है और इसे रोका भी जा सकता है, लेकिन इसके लिए सही समय पर इसकी पहचान और इलाज के लिए आगे बढ़ना जरूरी है.
विश्व टीबी दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य लोगों को टीबी की गंभीरता के बारे में जागरूक करना और इसके रोकथाम और इलाज को बढ़ावा देना है. इस दिन विभिन्न स्वास्थ्य संगठनों, सरकारों और चिकित्सा संस्थानों द्वारा टीबी के लक्षण, इलाज और बचाव से जुड़ी जानकारी दी जाती है, ताकि इस बीमारी को जड़ से खत्म किया जा सके.
24 मार्च 1882 को डॉ. रॉबर्ट कोच (Dr. Robert Koch) ने टीबी का कारण बनने वाले माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस (Mycobacterium Tuberculosis) बैक्टीरिया की खोज की थी. यह खोज चिकित्सा जगत के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि थी, क्योंकि इससे टीबी के इलाज का रास्ता खुला.
डॉ. कोच की इस ऐतिहासिक खोज की याद में 1982 में विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और इंटरनेशनल यूनियन अगेंस्ट ट्यूबरकुलोसिस एंड लंग डिजीज (IUATLD) ने मिलकर हर साल 24 मार्च को ‘विश्व टीबी दिवस’ मनाने का निर्णय लिया.
टीबी के सामान्य लक्षण
- 2 हफ्तों से ज्यादा समय तक लगातार खांसी रहना
- बलगम में खून आना
- वजन कम होना
- रात में पसीना आना
- तेज बुखार और ठंड लगना
- भूख न लगना
अगर ये लक्षण लंबे समय तक बने रहें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
