CG Ministers Meeting: भाजपा की प्रदेश प्रभारी स्मृति इरानी के सामने छत्तीसगढ़ के सांसदों ने मंत्रियों और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर खुलकर नाराजगी जताई। सांसदों ने आरोप लगाया कि उनकी सिफारिशों पर कोई ध्यान नहीं दिया जाता और उनके कहने पर काम नहीं होते। बैठक में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, दोनों उपमुख्यमंत्री और वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे। स्मृति इरानी ने सभी शिकायतें सुनने के बाद मंत्रियों को कामकाज में सुधार के निर्देश दिए और दिसंबर तक रिपोर्ट कार्ड बेहतर करने की चेतावनी दी।
सांसदों ने जताई नाराजगी
बैठक में सांसदों ने कहा कि कार्यकर्ताओं के बीच उनकी स्थिति कमजोर हो रही है क्योंकि उनकी सिफारिशों पर अमल नहीं होता। एक सांसद ने कहा कि कार्यकर्ता तक यह कहने लगे हैं कि आप केवल पत्र लिख दीजिए, काम हम दूसरे माध्यम से करवा लेंगे। एक अन्य सांसद ने अफसरों पर केवल पैसे कमाने में लगे रहने का आरोप लगाया। इस पर स्मृति इरानी ने वरिष्ठ सांसदों से स्थिति की जानकारी ली, जहां जवाब मिला कि प्रदेश में ब्यूरोक्रेसी हावी हो गई है।
मुख्यमंत्री के सामने दोहराई गई शिकायतें
सांसदों की बातें सुनने के बाद स्मृति इरानी ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उपमुख्यमंत्री अरुण साव और विजय शर्मा को बैठक में बुलाया। सांसदों ने उनके सामने भी अपनी शिकायतें दोहराईं। एक सांसद ने यहां तक कहा कि केंद्रीय राज्य मंत्री और प्रदेश अध्यक्ष की बात भी कई मामलों में नहीं सुनी जाती। इस पर स्मृति इरानी ने कहा कि यदि यही स्थिति रही तो वर्ष 2028 का विधानसभा चुनाव चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
पूर्व सांसद की शिकायत पर तत्काल कार्रवाई
बैठक में पूर्व सांसद गोविंद मिरी ने बताया कि वे ढाई साल से अपनी बेटी के तबादले के लिए प्रयास कर रहे थे। मामला सामने आने के बाद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने संबंधित फाइल मंगवाकर उसी रात तबादला आदेश जारी कराया। अगले दिन आदेश की प्रति संगठन के माध्यम से पूर्व सांसद तक पहुंचाई गई।
मंत्रियों के कामकाज पर मांगा जवाब
स्मृति इरानी विभागवार रिपोर्ट के साथ बैठक में पहुंची थीं। उन्होंने मंत्रियों से विभागीय कामकाज और शिकायतों को लेकर जवाब मांगा। मंत्री दयालदास बघेल को विभाग में सक्रियता बढ़ाने की सलाह दी गई। वहीं टंकराम वर्मा और श्याम बिहारी जायसवाल को भी कामकाज सुधारने के निर्देश दिए गए। शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव से फर्जी तबादलों के मामलों पर सवाल पूछते हुए ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने को कहा गया। सभी मंत्रियों को विभागीय बजट समय पर खर्च करने और योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने के निर्देश भी दिए गए।
प्रभारी जिलों में नियमित दौरे के निर्देश
बैठक में यह मुद्दा भी उठा कि कई मंत्री अपने प्रभारी जिलों का नियमित दौरा नहीं करते। स्मृति इरानी ने कहा कि जो मंत्री अपने प्रभारी जिले नहीं जाते, उनसे जिले का प्रभार वापस लेने पर भी विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रभारी मंत्री को पहले कार्यकर्ताओं से संवाद करना चाहिए और उसके बाद प्रशासनिक समीक्षा करनी चाहिए। दीपावली पर प्रभारी जिलों में कार्यकर्ताओं के साथ मिलन कार्यक्रम आयोजित करने की भी सलाह दी गई।
कार्यकर्ताओं से संवाद बढ़ाने पर जोर
बैठक के दौरान स्मृति इरानी ने सत्ता और संगठन के बीच बेहतर समन्वय बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं की नाराजगी दूर करना, उनसे नियमित संवाद बनाए रखना और जनता के बीच सक्रिय रहना जरूरी है। विधायकों को भी अपने-अपने क्षेत्रों में दीपावली के दौरान कार्यकर्ताओं के साथ मिलन कार्यक्रम आयोजित करने की सलाह दी गई।


