Raipur News: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि स्वस्थ नागरिक ही विकसित और समृद्ध छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव हैं। प्रदेश के हर नागरिक को सुलभ, किफायती और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। इसी दिशा में स्वास्थ्य अधोसंरचना को मजबूत करने और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार करने का काम लगातार किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर के देवपुरी में करीब एक एकड़ क्षेत्र में बने 125 बिस्तरों वाले अत्याधुनिक सुपर स्पेशलिटी प्रथमेश हॉस्पिटल का शुभारंभ किया। उन्होंने फीता काटकर अस्पताल का उद्घाटन किया और वहां उपलब्ध आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने अस्पताल प्रबंधन और चिकित्सकों की टीम को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह अस्पताल प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगा।
प्रदेश में ही मिलेंगी बेहतर चिकित्सा सुविधाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए मरीजों को दूसरे राज्यों में जाना पड़ता है, जिससे आर्थिक बोझ और अन्य परेशानियों का सामना करना पड़ता है। सरकार का प्रयास है कि छत्तीसगढ़ के लोगों को विशेषज्ञ और सुपर स्पेशलिटी इलाज की सुविधाएं प्रदेश में ही उपलब्ध हों।
उन्होंने कहा कि रायपुर सहित प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में आधुनिक अस्पतालों के विस्तार से गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए दूसरे राज्यों पर निर्भरता कम होगी। इसका लाभ छत्तीसगढ़ के साथ आसपास के राज्यों के मरीजों को भी मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी और निजी संस्थानों के संयुक्त प्रयासों से प्रदेश में मजबूत स्वास्थ्य व्यवस्था तैयार हो रही है। आधुनिक अस्पतालों के खुलने से बेहतर इलाज के साथ डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ, तकनीशियन और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
आयुष्मान भारत योजना से मिला स्वास्थ्य सुरक्षा का लाभ
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में स्वास्थ्य सेवाओं का तेजी से विस्तार हुआ है। आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से गरीब और जरूरतमंद परिवारों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आर्थिक सहायता मिल रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि आर्थिक स्थिति किसी भी व्यक्ति के इलाज में बाधा न बने। जिला अस्पतालों से लेकर प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तक स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है। दूरस्थ वनांचल और जनजातीय क्षेत्रों में भी चिकित्सा सेवाओं की पहुंच बढ़ाने पर ध्यान दिया जा रहा है।
नवा रायपुर में बनेगी आधुनिक मेडिसिटी
मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ को स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा निवेश के बड़े केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए नवा रायपुर में 200 एकड़ क्षेत्र में आधुनिक मेडिसिटी विकसित की जा रही है।
उन्होंने कहा कि मेडिसिटी के निर्माण से प्रदेश में सुपर स्पेशलिटी चिकित्सा सेवाओं का विस्तार होगा। इससे मेडिकल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्वास्थ्य क्षेत्र में नए निवेश के साथ रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रायपुर और नवा रायपुर में आधुनिक चिकित्सा संस्थानों के विस्तार से छत्तीसगढ़ की पहचान बड़े स्वास्थ्य केंद्र के रूप में मजबूत हो रही है। आने वाले समय में प्रयास रहेगा कि प्रदेश के लोगों को इलाज के लिए बाहर न जाना पड़े, बल्कि दूसरे राज्यों के लोग भी बेहतर उपचार के लिए छत्तीसगढ़ आएं।
स्वास्थ्य क्षेत्र में बढ़ेंगे रोजगार के अवसर
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में होने वाला निवेश केवल अस्पतालों और उपकरणों तक सीमित नहीं होता, बल्कि इससे डॉक्टर, नर्स, तकनीशियन, पैरामेडिकल स्टाफ सहित कई क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ते हैं।
उन्होंने कहा कि आधुनिक चिकित्सा संस्थानों के विस्तार से छत्तीसगढ़ के युवाओं को अपने प्रदेश में ही बेहतर रोजगार के अवसर मिलेंगे। सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक, सुलभ और जनहितकारी बनाने के लिए लगातार काम कर रही है।
केंद्रीय मंत्री और उपमुख्यमंत्री ने भी दी शुभकामनाएं
केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू ने कहा कि अच्छा स्वास्थ्य सुखी और समृद्ध जीवन का आधार है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए लगातार काम कर रही हैं। प्रथमेश हॉस्पिटल जैसी आधुनिक चिकित्सा संस्थाओं से प्रदेशवासियों को बेहतर इलाज की सुविधा मिलेगी।
उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में लगातार आगे बढ़ रहा है। सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों के साथ निजी क्षेत्र में भी आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार हो रहा है।
इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, विधायक मोतीलाल साहू, प्रथमेश हॉस्पिटल ग्रुप के डॉ. राजीव साहू, डॉ. सारिका साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधि, चिकित्सक और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

