CG Mall Parking Free: छत्तीसगढ़ राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने उपभोक्ताओं के हित में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए अंबुजा सिटी सेंटर मॉल की अपील खारिज कर दी है। आयोग ने जिला उपभोक्ता आयोग के उस आदेश को बरकरार रखा है, जिसमें मॉल परिसर में दोपहिया और चारपहिया वाहनों से पार्किंग शुल्क वसूलने को अवैध बताते हुए निशुल्क पार्किंग उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए थे।
यह मामला हाईकोर्ट अधिवक्ता अंजिनेश अंजय शुक्ला द्वारा परिवादी के रूप में दायर किया गया था। उन्होंने राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग (NCDRC) और विभिन्न उच्च न्यायालयों के पूर्व निर्णयों का हवाला देते हुए मॉल प्रबंधन की ओर से पार्किंग शुल्क वसूली को चुनौती दी थी।
पार्किंग शुल्क को बताया अनुचित व्यापार व्यवहार
न्यायमूर्ति गौतम चौरड़िया (अध्यक्ष) और सदस्य प्रमोद कुमार वर्मा की पीठ ने अपने आदेश में कहा कि मॉल प्रबंधन दुकानों से सुरक्षा, बिजली, एस्केलेटर और अन्य सुविधाओं के लिए पहले से मेंटेनेंस शुल्क प्राप्त करता है। ऐसे में ग्राहकों और कर्मचारियों से अलग से पार्किंग शुल्क लेना उचित नहीं है।
आयोग ने इसे उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के तहत अनुचित व्यापार व्यवहार और सेवा में कमी की श्रेणी में माना।
FASTag से वसूली पर भी आयोग की टिप्पणी
आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि निजी परिसर में FASTag के माध्यम से स्वचालित पार्किंग शुल्क या टोल जैसी वसूली करने का अधिकार मॉल प्रबंधन को प्राप्त नहीं है। ऐसे मामलों में उपभोक्ताओं से शुल्क लेना वैधानिक रूप से उचित नहीं माना जा सकता।
प्रदेशभर में पड़ सकता है फैसले का असर
आयोग ने अपने आदेश में यह भी स्पष्ट किया कि जिन वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों को भवन निर्माण नियमों के तहत पार्किंग क्षेत्र के लिए एफएसआई (FSI) की छूट मिली है, वे उस पार्किंग का अलग से शुल्क नहीं वसूल सकते।
इस फैसले को उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के तहत एक महत्वपूर्ण कानूनी सिद्धांत माना जा रहा है। इससे भविष्य में छत्तीसगढ़ के अन्य जिला उपभोक्ता आयोगों में भी इसी आधार पर मामलों का निपटारा किया जा सकेगा और मॉलों द्वारा मनमाने पार्किंग शुल्क पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।



