Dhamtari Flood: तेज बहाव में बही कार, कांच तोड़कर 2 लोगों ने बचाई जान, कई गांवों में बाढ़ जैसे हालात

Dhamtari Flood: लगातार हो रही भारी बारिश के कारण धमतरी जिले में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। नदी-नाले उफान पर हैं और कई गांवों में पानी घुस गया है। भखारा क्षेत्र के जोरातराई मार्ग पर पुल के ऊपर से बह रहे तेज पानी में एक कार बह गई। कार में सवार दो लोगों ने कांच तोड़कर बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। कार बीच रास्ते में फंस जाने से बड़ा हादसा टल गया।

Dhamtari Flood: लगातार हो रही भारी बारिश के कारण धमतरी जिले में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। नदी-नाले उफान पर हैं और कई गांवों में पानी घुस गया है। भखारा क्षेत्र के जोरातराई मार्ग पर पुल के ऊपर से बह रहे तेज पानी में एक कार बह गई। कार में सवार दो लोगों ने कांच तोड़कर बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। कार बीच रास्ते में फंस जाने से बड़ा हादसा टल गया।

पुल के ऊपर बह रहे तेज पानी के बावजूद चालक ने कार निकालने की कोशिश की। पानी का बहाव अधिक होने से वाहन अनियंत्रित होकर बह गया। कुछ दूरी पर कार फंसने के बाद दोनों सवार किसी तरह कांच तोड़कर बाहर निकले और सुरक्षित स्थान पर पहुंचे।

Gangrel Dam: धमतरी जिले में लगातार हो रही बारिश के कारण प्रमुख जलाशयों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए गंगरेल बांध के सभी 10 गेट खोल दिए गए हैं, जिनसे 54,950 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। वहीं, मुरुमसिल्ली साइफन डैम के भी सभी गेट खोल दिए गए हैं। प्रशासन ने नदी किनारे बसे गांवों में सतर्कता बरतने की अपील करते हुए अलर्ट जारी किया है।

गंगरेल, दुधावा और मुरुमसिल्ली समेत प्रमुख जलाशयों में लगातार पानी की आवक बढ़ने के कारण बांधों के गेट खोल दिए गए हैं। गंगरेल बांध के 14 गेटों से बड़ी मात्रा में पानी छोड़ा जा रहा है। रुद्री बैराज के जरिए नहर और महानदी में भी पानी छोड़ा जा रहा है, जिससे नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है।

महानदी किनारे बसे दरगहन समेत कई गांवों में पानी घुस गया है। गलियों और घरों तक तेज बहाव के साथ पानी पहुंचने से जनजीवन प्रभावित हो गया है। कई ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन भी बाधित है।

 

जलाशयों के ताजा आंकड़ों के अनुसार गंगरेल 96.54 प्रतिशत, दुधावा 100 प्रतिशत, मुरुमसिल्ली 99.10 प्रतिशत और सोढ़ुर 87.74 प्रतिशत भर चुका है। जलस्तर बढ़ने के कारण जलाशयों से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। जरूरत पड़ने पर पानी छोड़ने की मात्रा और बढ़ाई जा सकती है।

जिला प्रशासन ने नदी-नालों और जलभराव वाले इलाकों से दूर रहने की अपील की है। लोगों से पुलों और रपटों पर पानी होने की स्थिति में उन्हें पार नहीं करने, बच्चों को नदी-नालों के पास नहीं जाने देने और प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने को कहा गया है। प्रशासन हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है।

 

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