Raipur Ganesh Jhanki: राजधानी रायपुर में गणेश प्रतिमा विसर्जन झांकी को लेकर पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। 27 सितंबर, रविवार को शाम 8 बजे निकलने वाली झांकी में इस बार पिछले वर्षों की तुलना में करीब डेढ़ गुना अधिक पुलिस बल तैनात किया जाएगा। सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी 50 राजपत्रित पुलिस अधिकारियों के नेतृत्व में करीब 2 हजार पुलिसकर्मियों के हाथों में होगी।
पुलिस ने पूरे झांकी मार्ग को छह सेक्टरों में विभाजित कर सुरक्षा व्यवस्था की योजना तैयार की है। भीड़भाड़ वाले और संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी रखी जाएगी, ताकि किसी भी तरह की मारपीट, उपद्रव या असामाजिक गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।
5 ड्रोन और CCTV कैमरों से होगी निगरानी
झांकी मार्ग की निगरानी के लिए पांच ड्रोन कैमरे तैनात किए जाएंगे। इसके अलावा इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम के CCTV कैमरों के जरिए प्रमुख चौराहों और मार्गों पर लगातार नजर रखी जाएगी। खराब कैमरों को 25 सितंबर से पहले दुरुस्त करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
सादे कपड़ों में पुलिसकर्मी रहेंगे तैनात
पिछले वर्षों में झांकी और महादेव घाट के आसपास हुई चाकूबाजी की घटनाओं को देखते हुए इस बार सादे कपड़ों में पुलिसकर्मियों की भी तैनाती की जाएगी। ये जवान भीड़ में रहकर संदिग्ध लोगों, मनचलों और असामाजिक तत्वों पर नजर रखेंगे। झांकी मार्ग से जुड़ी गलियों और संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।
180 लोगों पर हुई प्रतिबंधात्मक कार्रवाई
गणेशोत्सव के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने पहले ही कार्रवाई शुरू कर दी है। पिछले 10 दिनों में शहर के तीनों जोन में 180 लोगों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई है।
शारदा चौक से महादेव घाट तक निकलेगी झांकी
गणेश विसर्जन झांकी शारदा चौक से शुरू होकर जयस्तंभ चौक, कोतवाली चौक, सदर बाजार, कंकालीपारा, पुरानी बस्ती और लाखेनगर होते हुए महादेव घाट पहुंचेगी। यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए विभिन्न स्थानों पर पार्किंग की व्यवस्था की गई है। पुलिस ने श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक पैदल झांकी में शामिल होने की अपील की है।
विसर्जन के लिए विशेष इंतजाम
महादेव घाट स्थित विसर्जन कुंड में प्रतिमाओं के सुरक्षित विसर्जन के लिए 7 क्रेन और 12 गोताखोर तैनात रहेंगे। क्रेन ऑपरेटर और गोताखोर तीन पालियों में ड्यूटी करेंगे। भीड़ नियंत्रण के लिए विसर्जन स्थल पर सीमित संख्या में लोगों को ही प्रवेश दिया जाएगा।



