Raipur News: मध्य प्रदेश के सागर जिले में जहरीली शराब से हुई मौतों के बाद छत्तीसगढ़ सरकार भी अलर्ट मोड में आ गई है। आबकारी विभाग ने पूरे प्रदेश में अवैध शराब के खिलाफ विशेष जांच अभियान शुरू करने का फैसला लिया है। अंतरराज्यीय सीमाओं, प्रमुख मार्गों और संवेदनशील इलाकों में चौबीसों घंटे निगरानी रखी जाएगी। साथ ही रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और एयरपोर्ट पर भी जांच अभियान चलाया जाएगा।
आबकारी विभाग के सचिव की अध्यक्षता में हुई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के बाद यह निर्णय लिया गया। सभी जिलों में पुलिस और संबंधित विभागों के साथ संयुक्त टीमें बनाकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। इन टीमों का उद्देश्य केवल अवैध शराब पकड़ना ही नहीं, बल्कि जहरीली शराब में इस्तेमाल होने वाली स्पिरिट के स्रोत का भी पता लगाना होगा।
रोज मुख्यालय भेजनी होगी रिपोर्ट
अभियान की निगरानी राज्य स्तर से की जाएगी। राज्य स्तरीय उड़नदस्ता के प्रभारी अधिकारी को नोडल अधिकारी बनाया गया है। सभी जिला कार्यालयों और उड़नदस्ता टीमों को हर दिन की कार्रवाई की रिपोर्ट अगले दिन दोपहर 12 बजे तक मुख्यालय भेजनी होगी। विभाग ने साफ किया है कि लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
सागर जाकर जांच करेंगे 4 अधिकारी
सागर शराब कांड की पूरी जानकारी जुटाने के लिए आबकारी विभाग ने चार अधिकारियों की टीम मध्य प्रदेश भेजने का प्रस्ताव तैयार किया है। आबकारी आयुक्त पी.एस. एल्मा ने इसके लिए विभागीय सचिव से अनुमति मांगी है।
प्रस्तावित टीम में मुख्यालय के अपर आयुक्त आशीष श्रीवास्तव और पी.एल. साहू, बिलासपुर संभागीय उड़नदस्ता के प्रभारी उपायुक्त अजय सिंह धुर्वे तथा सहायक जिला आबकारी अधिकारी उमेश अग्रवाल शामिल हैं। यह टीम सागर पहुंचकर स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय करेगी और जहरीली शराब, अवैध स्पिरिट की सप्लाई तथा पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाएगी। रिपोर्ट तैयार कर छत्तीसगढ़ सरकार को सौंपी जाएगी, ताकि प्रदेश में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए प्रभावी रणनीति बनाई जा सके।
अवैध शराब की शिकायत के लिए हेल्पलाइन
आबकारी विभाग ने लोगों से अपील की है कि अवैध शराब से जुड़ी किसी भी जानकारी की सूचना टोल फ्री नंबर 14405 या ‘मनपसंद’ मोबाइल ऐप के माध्यम से दें। विभाग ने लोगों से केवल अधिकृत शराब दुकानों से ही शराब खरीदने की सलाह भी दी है।


