हलषष्ठी का पर्व है, आज सजाऊँ द्वार।
सुखी रहें वंशज सभी, व्रत पूजन आधार।।
बलदाऊ से प्रार्थना, विनती करूँ अनंत।
रिद्धि-सिद्धि सह सम्पदा, वर दो हे! बलवंत।।
संतति सुख की कामना, करतीं माएँ आज।
कलश धरे सुनतीं कथा, सुन्दर उत्तम काज।।
बलदाऊ के नाम से, खेती शुभ संसार।
चंदन माटी बोइये, बहुल बीज संचार।।
जीव-जगत भोजन मिले, कहें सभी आभार।
’सुषमा’ सुंदर हो धरा, हरियाली शृंगार।।
भूमिपुत्र के देव तुम, हलधर हैं शुभ नाम।
अन्न आदि भरपूर हों, पूर्ण समूचे काम।।
जन्मदिवस पर देव श्री, पूजन हो स्वीकार।
धारण नीलाम्बर करें, यही जगत उपहार।।
सुषमा प्रेम पटेल, रायपुर (छ.ग.)
