CG ASI Bribery: अंबिकापुर: साइबर ठगी मामले की जांच के दौरान कथित तौर पर 1 करोड़ रुपए की रिश्वत लेने के आरोपों के बीच सरगुजा रेंज के आईजी दीपक कुमार झा ने अंबिकापुर साइबर सेल के एएसआई प्रवीण कुमार राठौर और कॉन्स्टेबल अंशुल शर्मा को पुलिस लाइन अटैच कर दिया है। यह कार्रवाई वायरल ऑडियो सामने आने के बाद की गई है। वहीं, आईजी ने स्पष्ट किया है कि अब तक ट्रेनी आईपीएस एवं अंबिकापुर सीएसपी राहुल बंसल के खिलाफ कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिले हैं।![]()
मामला सीबीआई स्पेशल कोर्ट, दिल्ली में दायर परिवाद से जुड़ा है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि साइबर ठगी मामले की जांच के दौरान हवाला के जरिए 1 करोड़ रुपए की रिश्वत का लेन-देन हुआ। शिकायत के अनुसार, एएसआई प्रवीण कुमार राठौर और कॉन्स्टेबल अंशुल शर्मा ने कथित तौर पर बिचौलियों की भूमिका निभाई।
हरियाणा निवासी आकाश कुमार ने आरोप लगाया है कि जांच के दौरान सीएसपी राहुल बंसल ने दबाव बनाकर रिश्वत की मांग की और रकम हवाला के माध्यम से पहुंचाई गई। शिकायत के साथ शपथ-पत्र, व्हाट्सएप चैट और कॉल रिकॉर्डिंग भी कोर्ट में प्रस्तुत की गई है।
सीबीआई से एफआईआर दर्ज नहीं होने पर शिकायतकर्ता ने सीबीआई स्पेशल कोर्ट का रुख किया। परिवाद में ट्रेनी आईपीएस राहुल बंसल, एएसआई प्रवीण कुमार राठौर और कॉन्स्टेबल अंशुल शर्मा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 और 7ए तथा भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है। मामले में छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को भी नोटिस जारी किया गया है।
आईजी दीपक कुमार झा ने बताया कि अंबिकापुर साइबर रेंज थाने में दर्ज साइबर ठगी के मामले में देश के विभिन्न राज्यों से 23 आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है और जांच सीएसपी राहुल बंसल के नेतृत्व में चल रही थी।
उन्होंने कहा कि आरोपी पक्ष की शिकायत पर पुलिस ने अपना जवाब प्रस्तुत किया है। एक करोड़ रुपए के कथित लेन-देन के संबंध में शिकायतकर्ता से साक्ष्य मांगे गए थे, लेकिन अब तक सीएसपी राहुल बंसल के खिलाफ कोई प्रमाण उपलब्ध नहीं कराया गया है। हालांकि, वायरल ऑडियो के आधार पर विभागीय कार्रवाई करते हुए एएसआई और कॉन्स्टेबल को लाइन अटैच किया गया है।


