CG Coal Scam Case : छत्तीसगढ़ के चर्चित कोयला लेवी घोटाले (CG Coal Scam Case) में सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को बड़ी राहत देते हुए निलंबित IAS अधिकारी रानू साहू, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की उप सचिव रही सौम्या चौरसिया और कारोबारी सूर्यकांत तिवारी समेत 12 आरोपियों को अंतरिम जमानत दे दी। हालांकि, यह केवल अस्थायी राहत है और मामले की जांच अभी जारी है।
सिंडिकेट बनाकर की गई अवैध उगाही
ED के मुताबिक, इस घोटाले को अंजाम देने के लिए कारोबारी सूर्यकांत तिवारी ने एक सिंडिकेट तैयार किया था। व्यापारियों से उगाही के बाद ही खनिज विभाग से पीट पास और परिवहन पास जारी किए जाते थे। इस मामले में IAS सौम्या चौरसिया पर भी सिंडिकेट में अहम भूमिका निभाने का आरोप है।
क्या है CG कोयला घोटाला?
यह मामला छत्तीसगढ़ में अवैध कोयला लेवी वसूली से जुड़ा है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच में सामने आया कि 2020 से 2022 के बीच कोयला परिवहन में बड़े पैमाने पर अवैध उगाही की गई। जांच के दौरान 570 करोड़ रुपये की हेराफेरी का खुलासा हुआ। ED ने बताया कि खनिज विभाग के तत्कालीन संचालक IAS समीर विश्नोई ने 15 जुलाई 2020 को कोयला परिवहन के लिए ऑनलाइन परमिट को ऑफलाइन करने का आदेश जारी किया था। इस आदेश के बाद प्रति टन 25 रुपये की अवैध वसूली की जाने लगी।
कौन-कौन हुए थे गिरफ्तार?
IAS रानू साहू – 2023 में गिरफ्तार
IAS सौम्या चौरसिया – 2022 में हिरासत में
IAS समीर विश्नोई – 2022 में गिरफ्तार
सूर्यकांत तिवारी – 2022 में गिरफ्तारी
इसके अलावा ACB (एंटी करप्शन ब्यूरो) ने दीपेश टॉक, राहुल कुमार सिंह, शिव शंकर नाग, हेमंत जायसवाल, चंद्रप्रकाश जायसवाल, संदीप कुमार नायक, रोशन कुमार सिंह, और शेख मोइनुद्दीन कुरैशी को भी इस घोटाले में गिरफ्तार किया था।
सुप्रीम कोर्ट से मिली अस्थायी राहत
सुप्रीम कोर्ट ने ACB केस में मुख्य आरोपियों समेत 12 लोगों को अंतरिम जमानत दी है। हालांकि, ED और ACB की जांच जारी है और आगे भी कई सख्त का
र्रवाई की संभावना है।
