CG Electricity Bill Hike: छत्तीसगढ़ में सबसे ज्यादा बिजली उत्पादन! फिर भी महंगी क्यों?

छत्तीसगढ़ में बिजली महंगी

CG Electricity Bill Hike: छत्तीसगढ़ में बिजली दरों में 6.23 प्रतिशत की नई वृद्धि लागू होने के पहले ही दिन इसका विरोध शुरू हो गया। आम आदमी पार्टी ने दुर्ग में प्रदर्शन कर राज्य सरकार की बिजली नीति पर सवाल उठाए। पार्टी नेताओं का कहना है कि छत्तीसगढ़ देश के प्रमुख बिजली उत्पादक राज्यों में शामिल है, जहां कोयले के विशाल भंडार, ताप विद्युत और जल विद्युत परियोजनाएं मौजूद हैं। इसके बावजूद आम उपभोक्ताओं पर लगातार बिजली दरों का बोझ बढ़ाया जा रहा है।

प्रदर्शन के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने बिजली दरों में बढ़ोतरी वापस लेने की मांग की। उनका आरोप है कि लगातार बढ़ती बिजली दरों से आम जनता की आर्थिक परेशानियां और बढ़ेंगी।tcw

उत्पादन करने वाला राज्य, फिर भी महंगी बिजली

आम आदमी पार्टी के प्रदेश महासचिव वद्दू आलम ने कहा कि छत्तीसगढ़ बिजली उत्पादन के मामले में देश के अग्रणी राज्यों में गिना जाता है। प्रदेश में पर्याप्त बिजली उत्पादन क्षमता होने के बावजूद उपभोक्ताओं को सस्ती बिजली उपलब्ध नहीं कराई जा रही है।

उन्होंने कहा कि नई दरों का सबसे अधिक असर घरेलू उपभोक्ताओं, किसानों, छोटे व्यापारियों, मजदूरों, कर्मचारियों और मध्यम वर्ग पर पड़ेगा। पहले से बढ़ती महंगाई के बीच बिजली दरों में वृद्धि लोगों के घरेलू बजट पर अतिरिक्त बोझ डालेगी। सरकार को आम लोगों को राहत देने के बजाय महंगी बिजली का भार नहीं बढ़ाना चाहिए।

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लगातार तीसरे साल बढ़ीं बिजली दरें

दुर्ग जिला कार्यकारी अध्यक्ष जसप्रीत सिंह ने कहा कि प्रदेश में लगातार तीसरे वर्ष बिजली की कीमतों में बढ़ोतरी की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिजली दरें बढ़ाने के बावजूद उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण और निर्बाध बिजली आपूर्ति नहीं मिल रही है। कई क्षेत्रों में बार-बार बिजली कटौती और तकनीकी समस्याएं बनी हुई हैं। उनका कहना है कि सरकार को बिजली महंगी करने के बजाय वितरण व्यवस्था और सेवा गुणवत्ता में सुधार पर ध्यान देना चाहिए।

CG Electricity Bill:

स्मार्ट मीटरों पर भी उठाए सवाल

पार्टी नेता बलविंदर सिंह ने स्मार्ट मीटरों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कई क्षेत्रों से अधिक बिजली बिल आने, बिलिंग प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी और मीटर रीडिंग में गड़बड़ी जैसी शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। उन्होंने मांग की कि सरकार इन शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराए और उपभोक्ताओं की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करे।

घरेलू उपभोक्ताओं की पुरानी और नई बिजली दरें

• 0 से 100 यूनिट – 4.10 4.40 रुपये प्रति यूनिट
• 101 से 200 यूनिट – 4.20 4.50 रुपये प्रति यूनिट
• 201 से 400 यूनिट – 5.60 6.00 रुपये प्रति यूनिट
• 401 से 600 यूनिट – 6.60 7.00 रुपये प्रति यूनिट
• 601 यूनिट से अधिक – 8.20 8.80 रुपये प्रति यूनिट

 

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