CG Poisoned Liquor: छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले के खर्वे गांव में पिछले 3 महीनों में हुई 8 संदिग्ध मौतों का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक गांव के रहने वाले रामसहाय जायसवाल ने पुरानी रंजिश, विवाद, कर्ज, पत्नी पर गलत नजर रखने के शक और टोना-टोटका की आशंका के चलते कई लोगों को जहरीली शराब पिलाकर मौत के घाट उतार दिया। इस मामले में एक युवक की जान बच गई।
ग्रामीणों ने 6 जून को एसडीएम कसडोल को आवेदन देकर लगातार हो रही मौतों की निष्पक्ष जांच की मांग की थी। आवेदन में रामसहाय जायसवाल पर संदेह जताया गया था। शिकायत के बाद पुलिस ने जांच तेज की और 7 मृतकों के शव कब्र से निकलवाकर पोस्टमार्टम व फॉरेंसिक जांच के लिए रायपुर भेजे। एक मृतक का अंतिम संस्कार पहले ही किया जा चुका था।
शराब में जहर मिलाकर 8 लोगों की हत्या
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी ने चूहा मारने के बहाने जहरीला पदार्थ खरीदा था। तकनीकी साक्ष्यों और ग्रामीणों से पूछताछ के आधार पर उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। शुरुआत में उसने आरोपों से इनकार किया, लेकिन बाद में अपना जुर्म कबूल कर लिया।
पहले कुत्ते पर किया ट्रायल
पुलिस के अनुसार आरोपी ने पहले जहरीले पदार्थ का परीक्षण एक कुत्ते पर किया था। कुत्ते की मौत होने के बाद उसने अलग-अलग तारीखों में गांव के लोगों को शराब में जहर मिलाकर पिलाया, जिससे एक-एक कर 8 लोगों की मौत हो गई।
मंगलवार को पुलिस आरोपी को उसके घर, दुकान और घटनास्थल पर लेकर पहुंची, जहां से शराब में मिलाया जाने वाला जहरीला पदार्थ बरामद किया गया। आरोपी को देखकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिला और लोगों ने उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
3 महीने में 8 मौत
पुलिस के अनुसार संदिग्ध मौतों का सिलसिला 6 फरवरी 2026 को बद्री पटेल की मौत से शुरू हुआ। इसके बाद 20 फरवरी को बुढालू साहू, 12 मार्च को बुधराम जायसवाल, 20 मार्च को छत्तूराम साहू, 31 मार्च को विनोद साहू, 28 अप्रैल को गजानंद मांझी, 29 अप्रैल को चैतूराम साहू और 14 मई को महेतरू साहू की मौत हुई। महज तीन महीने में 8 मौतों से पूरे गांव में दहशत का माहौल बन गया था।
21 बलि की भी थी चर्चा
गांव में लगातार हो रही मौतों के बाद यह चर्चा भी फैल गई थी कि गड़े हुए खजाने को पाने के लिए 21 लोगों की बलि दी जाएगी। ग्रामीणों का दावा था कि 8 लोगों की मौत हो चुकी है और 13 लोग बाकी हैं। हालांकि पुलिस जांच में अब तक खजाने के लिए बलि देने जैसी किसी बात की पुष्टि नहीं हुई है और जांच में जहरीली शराब पिलाकर हत्या करने का मामला सामने आया है।




