Vegetable Price Hike: महंगाई की मार, टमाटर से लेकर हरी सब्जियां भी महंगी, जानें सब्जी-भाजी की कीमत

Vegetable Price Hike: छत्तीसगढ़ के दुर्ग-भिलाई में भीषण गर्मी और स्थानीय बाड़ियों से सब्जियों की आवक कम होने का सीधा असर बाजार पर देखने को मिल रहा है। पिछले एक सप्ताह में सब्जियों के दामों में करीब 25 से 30 प्रतिशत तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे आम लोगों की रसोई का बजट बिगड़ गया है। पेट्रोल-डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी के कारण परिवहन लागत बढ़ी है, जिसका असर सीधे सब्जियों की कीमतों पर पड़ा है।

व्यापारियों के मुताबिक, स्थानीय उत्पादन लगभग खत्म होने की स्थिति में है, जिसके कारण अब बाजार महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और हरियाणा से आने वाली सब्जियों पर निर्भर हो गया है। बाहरी राज्यों से सीमित आवक और महंगे ट्रांसपोर्ट के चलते कीमतों में लगातार तेजी बनी हुई है।

एक हफ्ते में 8 से 10 रुपए प्रति किलो तक बढ़े दाम

सब्जी व्यापारियों का कहना है कि पिछले एक सप्ताह के दौरान कई सब्जियों के दाम 8 से 10 रुपए प्रति किलो तक बढ़े हैं। थोक मंडी में लगातार महंगाई बढ़ रही है, जिसका असर खुदरा बाजार में साफ दिखाई दे रहा है। दुर्ग सब्जी मंडी के पूर्व अध्यक्ष नासिर खोखर के अनुसार बीन्स, मुनगा और हरी मिर्च जैसी सब्जियों के दाम रोजाना बढ़ रहे हैं।

बाजार में सब्जियों के ताजा दाम

वर्तमान में बीन्स 140 से 150 रुपए प्रति किलो बिक रही है, जबकि मुनगा और ढेंस 100 रुपए प्रति किलो से अधिक में बिक रहे हैं। हरी मिर्च 80 से 100 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गई है। वहीं लहसुन 140 से 150 रुपए प्रति किलो के भाव पर बिक रहा है।

टमाटर के दामों में भी बड़ा उछाल आया है। कुछ दिन पहले 20 से 25 रुपए किलो बिकने वाला टमाटर अब 35 से 40 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गया है, जबकि अच्छी क्वालिटी का टमाटर 50 रुपए किलो से अधिक में बिक रहा है। इसके अलावा गाजर, भिंडी, करेला, फूलगोभी और शिमला मिर्च के दामों में भी तेजी आई है।

नींबू, आलू और प्याज भी महंगे

गर्मी के मौसम में ज्यादा इस्तेमाल होने वाला नींबू अब 5 रुपए प्रति नग तक बिक रहा है। वहीं आलू और प्याज जैसी रोजमर्रा की सब्जियां भी 20 से 25 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गई हैं। व्यापारियों का कहना है कि जब तक स्थानीय बाड़ियों में नई फसल नहीं आती, तब तक राहत मिलने की संभावना बेहद कम है।

बाहरी राज्यों पर बढ़ी निर्भरता

थोक मंडी में रोजाना 25 से 30 गाड़ियों की आवक हो रही है, लेकिन स्थानीय उत्पादन लगभग खत्म हो चुका है। हरी मिर्च जगदलपुर और उत्तर प्रदेश से, लहसुन और मुनगा महाराष्ट्र-गुजरात से तथा शिमला मिर्च हरियाणा से मंगाई जा रही है। व्यापारियों का कहना है कि यदि गर्मी और परिवहन लागत इसी तरह बढ़ती रही तो आने वाले दिनों में सब्जियों के दाम और बढ़ सकते हैं।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *