CG Breaking: नायब तहसीलदार से मारपीट मामले में गरमाई राजनीति, विधायक रामकुमार टोप्पो खुद देंगे गिरफ्तारी

विधायक रामकुमार टोप्पो खुद देंगे गिरफ्तारी

CG Breaking: सरगुजा जिले में नायब तहसीलदार के साथ मारपीट के मामले को लेकर राजनीति गरमा गई है। विधायक रामकुमार टोप्पो ने खुद अपनी गिरफ्तारी देने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि राजस्व कर्मियों को हड़ताल पर जाने की कोई जरूरत नहीं है और समर्थकों से भी शांत रहने की अपील की है।tcw

विधायक रामकुमार टोप्पो ने कहा, “मैं खुद अपनी गिरफ्तारी देने जा रहा हूं। किसी भी समर्थक को घबराने या जमावड़ा लगाने की जरूरत नहीं है।” उन्होंने आगे कहा कि यह सुशासन की सरकार है और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने में भी कोई परेशानी नहीं हुई। अब वह स्वयं गिरफ्तारी देंगे।

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विधायक ने कांग्रेस शासनकाल का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय ऐसी स्थिति नहीं बनती थी। उनके बयान के बाद जिले की राजनीति में हलचल और तेज हो गई है।

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दरअसल, सरगुजा जिले के राजापुर उप तहसील में नायब तहसीलदार के साथ हुई मारपीट की घटना के बाद प्रशासनिक अधिकारियों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। घटना के विरोध में शुक्रवार को प्रशासनिक अधिकारी संघ के पदाधिकारी और सदस्य सामूहिक अवकाश लेकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने मुख्यमंत्री और राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपकर आरोपी विधायक समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

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अपर कलेक्टर सुनील कुमार नायक ने बताया कि प्रशासनिक अधिकारी संघ की जिला इकाई ने कलेक्टर से मुलाकात कर घटना पर गहरा विरोध दर्ज कराया है। ज्ञापन के माध्यम से मुख्यमंत्री और राज्यपाल से आरोपी विधायक की शीघ्र गिरफ्तारी और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है।

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वहीं सीतापुर एसडीएम फागेश सिन्हा ने बताया कि नायब तहसीलदार के साथ हुई मारपीट की घटना के विरोध में प्रदेशव्यापी आंदोलन चलाया जा रहा है। कनिष्ठ प्रशासनिक संघ भी इस मामले को लेकर आंदोलनरत है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

शुक्रवार को जिलेभर के प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं प्रशासनिक कार्यों में बाधा उत्पन्न करती हैं और अधिकारियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं।

विधायक रामकुमार टोप्पो के बयान और प्रशासनिक अधिकारियों के विरोध प्रदर्शन के बाद सरगुजा की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। फिलहाल पूरे मामले को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में चर्चाओं का दौर जारी है।

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