Raipur Breaking: रायपुर नगर निगम के जोन-10 में भाजपा के भीतर सियासी विवाद खुलकर सामने आ गया है। जोन के 6 भाजपा पार्षद अपने ही जोन अध्यक्ष सचिन मेघानी को हटाने की मांग पर अड़े हुए हैं। पार्षदों ने पिछले 15 दिनों में तीन बार महापौर मीनल चौबे से मुलाकात कर लिखित शिकायत सौंपी है।
मामला अब नगर निगम से आगे बढ़कर भाजपा संगठन तक पहुंच गया है। पार्षदों ने भाजपा जिला अध्यक्ष रमेश सिंह ठाकुर, सभापति सूर्यकांत राठौड़, सांसद बृजमोहन अग्रवाल और स्थानीय विधायक के सामने भी अपनी नाराजगी जाहिर की। बताया जा रहा है कि इस मुद्दे पर करीब दो घंटे तक चर्चा हुई।
महिला पार्षदों समेत सभी पार्षदों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द फैसला नहीं लिया गया तो वे जोन-10 कार्यालय में तालाबंदी कर धरने पर बैठेंगे।
MIC बैठक के बाद बढ़ा विवाद
मेयर इन काउंसिल की बैठक के बाद आयोजित प्रेसवार्ता में जब महापौर मीनल चौबे से इस विवाद को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने स्वीकार किया कि पार्षदों की शिकायत मिली है। महापौर ने कहा कि सभी पक्षों और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से चर्चा के बाद आगे का निर्णय लिया जाएगा।
दूसरे वार्डों में हस्तक्षेप का आरोप
पार्षदों का आरोप है कि जोन अध्यक्ष सचिन मेघानी दूसरे वार्डों के कार्यों में लगातार दखल दे रहे हैं। इससे पार्षदों के बीच समन्वय प्रभावित हो रहा है और विकास कार्यों पर असर पड़ रहा है। नेताओं को सौंपे गए पत्र में पार्षदों ने जोन अध्यक्ष की कार्यशैली को लेकर असंतोष जताया है।
‘सेटलमेंट’ के नाम पर परेशान करने का आरोप
पार्षदों ने आरोप लगाया कि कुछ युवक निर्माणाधीन मकानों और दुकानों की तस्वीरें लेकर लोगों को जोन कार्यालय बुलाते हैं। आरोप है कि “सेटलमेंट” के नाम पर लोगों को परेशान किया जाता है। पार्षदों का कहना है कि इससे छोटे और गरीब मकान मालिक भी प्रभावित हो रहे हैं।
अवैध निर्माण को संरक्षण देने के आरोप
जोन अध्यक्ष पर अवैध कब्जों और निर्माण मामलों में हस्तक्षेप के आरोप भी लगाए गए हैं। पार्षदों ने बोरियाकला स्थित गजराज तालाब के पास बने कथित अवैध अस्पताल का मामला उठाते हुए कहा कि निगम की कार्रवाई विरोध के कारण रुक गई थी।
सचिन मेघानी बोले- गलतफहमी है
आरोपों पर जोन अध्यक्ष सचिन मेघानी ने कहा कि वे संगठन की जिम्मेदारी निभा रहे हैं और उनकी प्राथमिकता अवैध निर्माण रोकना है। उन्होंने कहा कि शिकायत मिलने पर कार्रवाई के लिए टीम भेजी जाती है।
मेघानी ने कहा कि शिकायत करने वाले पार्षदों को शायद कोई गलतफहमी है। उन्होंने कहा कि सभी एक साथ हैं और आगे अवैध निर्माण के साथ टीएनसी प्रोजेक्ट्स पर भी फोकस किया जाएगा।



