CG Petrol Diesel Shortage: छत्तीसगढ़ में पेट्रोल-डीजल संकट लगातार गहराता जा रहा है। राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के कई जिलों में ईंधन की सप्लाई प्रभावित होने से कई पेट्रोल पंप बंद हो गए हैं। कई पंपों पर “नो पेट्रोल” और “नो डीजल” के बोर्ड लगा दिए गए हैं, जबकि जहां ईंधन उपलब्ध है वहां लंबी कतारें लग रही हैं। सीमित मात्रा में पेट्रोल-डीजल दिए जाने से आम लोगों के साथ-साथ ट्रांसपोर्ट और व्यापारिक गतिविधियां भी प्रभावित हो रही हैं।![]()
बिलासपुर में 13 पेट्रोल पंपों में खत्म हुआ ईंधन
बिलासपुर जिले में स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। जानकारी के अनुसार जिले के 13 पेट्रोल पंपों में पेट्रोल और डीजल पूरी तरह खत्म हो चुका है। कई पंप बंद पड़े हैं और लोगों को घंटों इंतजार के बाद भी ईंधन नहीं मिल पा रहा है। इसका असर परिवहन सेवाओं, निजी संस्थानों और सरकारी कामकाज पर भी देखने को मिल रहा है।
दंतेवाड़ा में डीजल संकट से ट्रांसपोर्ट प्रभावित
दंतेवाड़ा जिले में डीजल संकट सबसे ज्यादा देखने को मिल रहा है। अधिकांश पेट्रोल पंपों में डीजल खत्म हो चुका है, जिससे ट्रांसपोर्टरों की परेशानी बढ़ गई है। मालवाहक वाहनों के संचालन पर असर पड़ा है और कई वाहन खड़े करने की नौबत आ गई है। लोगों को आशंका है कि जल्द सप्लाई नहीं पहुंची तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
महासमुंद में सीमित मात्रा में मिल रहा पेट्रोल
महासमुंद जिले में भी पेट्रोल-डीजल संकट गहराता जा रहा है। शहर और आसपास के अधिकांश पेट्रोल पंप ड्राई हो चुके हैं। केवल मचेवा स्थित शंकरा फ्यूल्स में सीमित मात्रा में पेट्रोल और डीजल उपलब्ध है। यहां सुबह से वाहनों की लंबी कतारें लगी हुई हैं। पंप संचालकों द्वारा बाइक चालकों को केवल 2 लीटर और कार चालकों को 5 लीटर पेट्रोल दिया जा रहा है।





