PM RAHAT Scheme : भारत के शासन का केंद्र अब ‘साउथ ब्लॉक’ से बदलकर ‘सेवा तीर्थ’ और ‘कर्तव्य भवन’ हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को नए पीएमओ (PMO) में कार्यभार संभालते ही जनसेवा की भावना से ओतप्रोत चार बड़े ऐतिहासिक फैसलों पर मुहर लगाई। इन फैसलों में स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, कृषि और स्टार्टअप जगत के लिए अहम प्रावधान किए गए हैं।
PM RAHAT योजना
सड़क हादसों में जान गंवाने वालों की संख्या को कम करने के लिए पीएम मोदी ने PM RAHAT (Road Accident Victims’ Hospitalization and Assured Treatment) योजना शुरू की है। पीड़ितों को 1.5 लाख रुपए तक का मुफ्त इलाज मिलेगा। बिना खतरे वाले मामलों में 24 घंटे और जानलेवा मामलों में 48 घंटे तक ‘स्टेबिलाइजेशन ट्रीटमेंट’ अनिवार्य होगा। इस योजना के लिए किसी एनरोलमेंट, इंश्योरेंस या इनकम प्रूफ की जरूरत नहीं होगी। सरकार सीधे पैनल वाले अस्पतालों को भुगतान करेगी।
लखपति दीदी
महिला सशक्तिकरण की दिशा में सरकार ने अपनी तय समय सीमा से पहले ही 3 करोड़ ‘लखपति दीदी’ बनाने का लक्ष्य हासिल कर लिया है। पीएम मोदी ने अब मार्च 2029 तक 6 करोड़ लखपति दीदियां बनाने का नया और चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखा है।
कृषि क्षेत्र
किसानों की आय बढ़ाने और कृषि वैल्यू चेन को मजबूत करने के लिए फंड को दोगुना कर दिया गया है। अब एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड का लोन टार्गेट ₹1 लाख करोड़ से बढ़ाकर ₹2 लाख करोड़ कर दिया गया है। इससे ग्रामीण इलाकों में कोल्ड स्टोरेज और वेयरहाउस जैसे निर्माणों में तेजी आएगी।
स्टार्टअप्स
भारत के इनोवेशन और टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम को बढ़ावा देने के लिए पीएम ने स्टार्टअप इंडिया FoF 2.0 को मंजूरी दी है। यह फंड डीप टेक, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग और शुरुआती स्टेज के आइडियाज (Early-stage ideas) को पावर देने के लिए इस्तेमाल होगा।
साउथ ब्लॉक से ‘सेवा तीर्थ’ का यह सफर केवल पते का बदलाव नहीं है, बल्कि ‘सेवा परमो धर्म:’ के मंत्र के साथ नए भारत की विकास गाथा को गति देने का संकल्प है। ये फैसले बताते हैं कि सरकार का फोकस समाज के अंतिम व्यक्ति की सुरक्षा और आर्थिक उन्नति पर है।
