Heart Attack: आज के समय में हार्ट अटैक यानी दिल का दौरा केवल बुजुर्गों की बीमारी नहीं रह गया है। कम उम्र के लोग भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। बदलती दौर, तनाव और गलत खान-पान इसके बड़े कारण माने जा रहे हैं। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि हार्ट अटैक क्यों आता है और इससे कैसे बचा जा सकता है।
देखिये हार्ट अटैक तब होता है जब दिल तक खून पहुंचाने वाली धमनियों में अचानक रुकावट आ जाती है। यह रुकावट आमतौर पर कोलेस्ट्रॉल और फैट जमने से बनती है, जिसे प्लाक कहा जाता है। जब यह परत ज्यादा बढ़ जाती है तो खून का प्रवाह रुक जाता है और दिल की मांसपेशियों को नुकसान पहुंचता है। यही स्थिति हार्ट अटैक कहलाती है।
जानकारों के मुताबिक हार्ट अटैक के प्रमुख कारणों में हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, धूम्रपान, मोटापा, अधिक तनाव, व्यायाम की कमी और अनियमित खान-पान शामिल हैं। ज्यादा तला-भुना, जंक फूड और मीठे पदार्थों का सेवन भी खतरा बढ़ाता है। परिवार में पहले किसी को दिल की बीमारी रही हो तो जोखिम और बढ़ जाता है।
लक्षण
वहीँ कुछ सामान्य लक्षणों पर ध्यान देना बेहद जरूरी है। सीने में तेज दर्द या दबाव महसूस होना, सांस लेने में तकलीफ, अत्यधिक पसीना आना, चक्कर आना, उल्टी जैसा महसूस होना या बाएं हाथ, गर्दन या जबड़े में दर्द होना हार्ट अटैक के संकेत हो सकते हैं। ऐसे लक्षण दिखें तो तुरंत अस्पताल पहुंचना चाहिए।
बचाव
बचाव के लिए सबसे जरूरी है स्वस्थ जीवनशैली अपनाना। रोज कम से कम 30 मिनट तेज चलना या हल्का व्यायाम करना दिल को मजबूत रखता है। संतुलित आहार लें जिसमें हरी सब्जियां, फल, दाल, साबुत अनाज और कम तेल वाला भोजन शामिल हो। धूम्रपान और शराब से दूरी बनाएं। तनाव कम करने के लिए योग, ध्यान और पर्याप्त नींद लें।
नियमित स्वास्थ्य जांच भी जरूरी है। समय-समय पर ब्लड प्रेशर, शुगर और कोलेस्ट्रॉल की जांच कराते रहें। डॉक्टर की सलाह के बिना कोई दवा न लें और अगर पहले से कोई बीमारी है तो उसका सही इलाज कराएं।
हार्ट अटैक अचानक आता जरूर है, लेकिन इसके संकेत पहले से शरीर देता है। अगर हम समय रहते सावधान हो जाएं और अपना ख्याल रखे तो इस गंभीर बीमारी से काफी हद तक बचा जा सकता है। पोस्ट मकसद सिर्फ़ जानकारी देना है. स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह या जांच के लिए, किसी पेशेवर डॉक्टर से बात करें.
