CG News: कोरबा जिले में धान बेचने के लिए टोकन नहीं कटने से परेशान एक आदिवासी किसान ने आत्महत्या की कोशिश की है। जहर सेवन करने के बाद किसान की हालत गंभीर हो गई, जिसे आनन-फानन में मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है। समय पर उपचार मिलने से किसान की जान बचा ली गई।
मामला कोरबा जिले की हरदीबाजार तहसील के ग्राम कोरबी-धतुरा का है। यहां रहने वाले आदिवासी किसान सुमेर सिंग गोण ने धान बेचने में आ रही परेशानी से हताश होकर यह कदम उठाया। बताया जा रहा है कि किसान ने धान विक्रय के लिए पंजीयन कराया था और उसके पास 68 क्विंटल धान बिक्री के लिए तैयार था, लेकिन धान खरीदी शुरू होने के बावजूद उसे अब तक टोकन नहीं मिल पाया।

इस समस्या से परेशान होकर उसने 29 दिसंबर 2025 को कलेक्टर जनदर्शन में भी अपनी शिकायत दर्ज करायी थी। लेकिन कलेक्टर के निर्देश के बाद भी जमीनी स्तर पर अधिकारियों ने किसान की समस्या का निराकरण नहीं किया जा सका। जिससे परेशान होकर किसान सुमेर सिंग गोण ने रविवार की रात कीटनाशक का सेवन कर लिया। जहर सेवन के बाद हालत बिगड़ने पर आनन फानन में किसान को मेेडिकल कालेज अस्पताल में लाकर भर्ती कराया गया। जहां समय पर उपचार मिल जाने से उसकी जान बचा ली गयी है।
सांसद ज्योत्सना महंत ने उठाये सवाल
धान नही बेच पाने से परेशान किसान के जहर सेवन की जानकारी मिलने के बाद कोरबा सांसद ज्योत्सना महंत मेडिकल कालेज अस्पताल पहुंची। यहां उन्होने पीड़ित किसान से मिलकर उसका हाल जाना और उसकी समस्या जानने का प्रयास किया। पीड़ित किसान से मिलने के बाद सांसद ज्योत्सना महंत ने बताया कि वे लगातार फील्ड में घुम रही है, जहां किसान ऐसी समस्याओं से परेशान है। किसान अपना धान बेचने के लिए चक्कर लगा रहे है, बावजूद इसके किसानों को समय पर टोकन नही मिल पा रहा है। उन्होने सरकारी सिस्टम पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार की इस नीति का खामियाजा आज किसान भुगत रहे है, और परेशान किसान अपनी जान देने को विवश है।
