Durg SIR Survey: SIR सर्वे के दौरान BLO का फोड़ा सिर, नशे में धुत युवक बोला- मेरे मोहल्ले में ये काम नहीं चलेगा

Durg SIR Survey

Durg SIR Survey: दुर्ग जिले में मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) के दौरान घर-घर सर्वे कर रहे BLO पर एक नशे में धुत युवक ने हमला कर बीएलओ का सिर फोड़ा दिया। आरोपी लगातार हंगामा कर रहा था और बीएलओ को मोहल्ले से जाने के लिए धमका रहा था। मामला खुर्सीपार थाना क्षेत्र का है।

घटना 25 नवंबर की है। मामला खुर्सीपार थाना क्षेत्र का है। आस-पास मौजूद युवकों ने कई बार समझाने का प्रयास किया। लेकिन युवक नहीं माना और बीएलओ पर पत्थर से वार कर दिया।

वहीं, SIR काम से जुड़ा दूसरा मामला सरगुजा से आया है जहां गांव में फार्म नहीं बांटने और फार्म भरवाने में ग्रामीणों की मदद नहीं करने पर शिक्षक और रोजगार अधिकारी को निलंबित कर दिया गया है।

एसडीएम और पुलिस मौके पर पहुंचे

जानकारी मिलते ही छावनी एसडीएम हितेश पिस्दा और खुर्सीपार पुलिस तुरंत मौके पर पहुंचे। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है। मामले को गंभीर बताते हुए पुलिस ने आरोपी पर शासकीय कार्य में बाधा, गाली-गलौज, जान से मारने की धमकी और हत्या के प्रयास जैसी गंभीर धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया है।

घर-घर सर्वे के दौरान हुआ हमला

खुर्सीपार थाना प्रभारी आनंद शुक्ला ने बताया कि जामुल के रहने वाले रूपेश कुमार जोशी (35 वर्ष), शासकीय प्राथमिक शाला में सहायक शिक्षक हैं। निर्वाचन आयोग ने उन्हें एसआईआर मतदाता पुनरीक्षण अभियान के लिए विधानसभा क्षेत्र 65 भिलाईनगर के भाग संख्या 117 में बीएलओ की ड्यूटी दी थी।

25 नवंबर को वे निगम कर्मचारी पी. कार्तिक और दिनेश के साथ वार्ड-44, लक्ष्मीनारायण वार्ड के गोकुल नगर इलाके में घर-घर जाकर गणना पत्रक संग्रहित कर रहे थे। इस दौरान वे दोपहर 1 बजे उड़िया मोहल्ले पहुंचे थे जहां युवक जावेद हुसैन ने बीएलओ के साथ बहस करना शुरू कर दिया।

युवक ने बीएलओ से कहा कि मेरे मोहल्ले में ये सब काम मत करो। यहां से भाग जाओ वरना मैं मारूंगा। इसके बाद उसने पत्थर से बीएलओ पर हमला कर दिया।

गंभीर चोट के बाद तुरंत अस्पताल में कराया भर्ती

उड़िया मोहल्ले का रहने वाला जावेद हुसैन ने बीएलओ को धमकी दी कि “यहां से भाग जा, नहीं तो बहुत मारूंगा। इसके बाद उसने बीएलओ के सिर पर वार कर दिया। हमला इतना जोरदार था कि रूपेश को तुरंत अस्पताल ले जाना पड़ा।

बीएलओ के साथ मौजूद निगम कर्मचारियों कार्तिक और दिनेश ने बीच बचाव करते हुए किसी तरह रूपेश को आरोपी से छुड़ाया। कर्मचारियों का कहना है कि यदि वे आगे नहीं आते, तो आरोपी बीएलओ की हत्या भी कर सकता था।

 

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