Bilaspur Firing Live Video: बिलासपुर जिले के मस्तूरी इलाके में मंगलवार शाम हुए गोलीकांड ने पूरे जिले में सनसनी फैला दी थी। नकाबपोश बाइक सवारों ने जनपद उपाध्यक्ष और कांग्रेस नेता नितेश सिंह ठाकुर के ऑफिस के बाहर अंधाधुंध फायरिंग कर दी, जिसमें उनके दो सहयोगी घायल हो गए थे। अब पुलिस ने 24 घंटे के भीतर इस मामले का पर्दाफाश करते हुए 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
आपसी रंजिश और जमीन विवाद में बरसाईं गोलियां
पुलिस जांच में सामने आया कि हमला आपसी रंजिश, जमीन विवाद और राजनीतिक वर्चस्व की लड़ाई का नतीजा था। मुख्य आरोपी विश्वजीत अनंत ने अपने भाइयों और साथियों के साथ मिलकर इस फायरिंग की योजना बनाई थी। बताया गया कि पहले 25 अक्टूबर को हमला करने की कोशिश की गई थी, लेकिन नाकाम रही। इसके बाद 28 अक्टूबर की शाम करीब 6 बजे दो बाइकों में सवार चार नकाबपोश हमलावरों ने ऑफिस के बाहर गोलियां बरसाईं।





घायल अस्पताल में भर्ती
फायरिंग में राजू सिंह और चंद्रभान सिंह घायल हुए, जिन्हें तत्काल अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना के बाद पुलिस ने इलाके में नाकेबंदी कर जांच शुरू की।
हमले के लिए दिए थे 1 लाख
जांच में खुलासा हुआ कि तारकेश्वर पाटले नामक व्यक्ति ने मुख्य आरोपी को 1 लाख रुपए दिए थे, जिसे उसने अपने साथियों में बांट दिया। इसी पैसों से हथियार और बाइक की व्यवस्था की गई थी।
CCTV से पुलिस को मिला सुराग
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देशन में मस्तूरी थाना और साइबर सेल की टीम ने 100 से अधिक CCTV फुटेज खंगाले। तकनीकी साक्ष्य और मुखबिर की सूचना के आधार पर सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार आरोपी
1. विश्वजीत अनंत
2. अरमान उर्फ बलमजीत अनंत
3. चाहत उर्फ विक्रमजीत अनंत
4. मोहम्मद मुस्तकीम उर्फ नफीस
5. मोहम्मद मतीन उर्फ मोंटू
6. दो नाबालिग आरोपी शामिल।
बरामद हथियार
दो देशी पिस्टल, एक कट्टा, पांच मैगजीन, चार जिंदा कारतूस, तेरह खाली खोखे, दस बुलेट और पांच मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं।
