Raipur Chhath Puja 2025: सूर्य उपासना का महापर्व छठ आज अपने चरम पर है। छत्तीसगढ़ के रायपुर, बिलासपुर और भिलाई-दुर्ग सहित पूरे राज्य में छठ घाटों पर भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी है। रायपुर के महादेव घाट में आज शाम व्रती महिलाएं डूबते सूर्य को अर्घ्य देंगी। इस दौरान बनारस से आए पंडितों द्वारा खारुन मइया की भव्य महाआरती का आयोजन किया जाएगा।

रायपुर में 60 से ज्यादा जगहों पर छठ पूजा
रायपुर नगर निगम ने बताया कि इस बार शहर के 60 से अधिक तालाबों पर छठ पूजा का आयोजन किया जा रहा है। महादेव घाट, व्यास तालाब, नवा रायपुर सहित प्रमुख स्थानों पर विशेष तैयारियां की गई हैं। घाटों की सफाई, रोशनी और सजावट का काम पूरा कर लिया गया है।
साथ ही, सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस बल की तैनाती की गई है। नगर निगम के जोन कमिश्नरों को व्यवस्था की निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। घाटों पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पंडाल, मेडिकल स्टॉल, पीने के पानी और रोशनी की व्यवस्था की गई है।

खरना से शुरू हुआ 36 घंटे का कठिन व्रत
छठ महापर्व की शुरुआत नहाय खाय के अनुष्ठान से हुई थी। इसके बाद रविवार को खरना प्रसाद बनाकर व्रतियों ने 36 घंटे का कठिन व्रत शुरू किया है। इस दौरान व्रती जल ग्रहण तक नहीं करते हैं और पूर्ण श्रद्धा से पूजा करते हैं।
सोमवार की शाम डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा और मंगलवार की सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य देकर व्रत का समापन किया जाएगा।

ऐसे होती है छठ पूजा की तैयारी
छठ पूजा में प्रसाद और फल एक बांस की टोकरी (दउरा) में रखे जाते हैं। इसमें सूप, नारियल, पाँच प्रकार के फल और पूजा सामग्री रखी जाती है। परिवार का कोई एक सदस्य इस दउरा को सिर पर रखकर श्रद्धा से घाट की ओर प्रस्थान करता है।

यह पर्व न केवल पारिवारिक सुख-समृद्धि के लिए, बल्कि जीवन की सभी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए भी मनाया जाता है।
