Mahadev Betting App: महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले के मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर को सीबीआई की टीम मंगलवार को दिल्ली से रायपुर लेकर पहुंची। उसे फ्लाइट E6-2307 से रायपुर लाया गया। करीब 6 हजार करोड़ रुपये के कथित ऑनलाइन सट्टा घोटाले के इस मुख्य आरोपी को अब 4 नवंबर को रायपुर की विशेष सीबीआई अदालत में पेश किया जाएगा।
दिल्ली कोर्ट से मिली थी ट्रांजिट रिमांड
ओमान से प्रत्यर्पण के बाद CBI सौरभ चंद्राकर को भारत लेकर आई थी। सोमवार को उसे दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया गया, जहां अदालत ने दो दिन की ट्रांजिट रिमांड पर उसे CBI को सौंप दिया। अदालत ने निर्देश दिया कि आरोपी को 4 नवंबर या उससे पहले रायपुर की विशेष सीबीआई अदालत में पेश किया जाए।
CBI और ED दोनों कर रही हैं जांच
महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप से जुड़े मामलों की जांच CBI कर रही है। छत्तीसगढ़ सरकार ने इस मामले से जुड़ी 13 एफआईआर जांच के लिए CBI को सौंपी थीं, जिनमें से दो मामलों में चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। वहीं प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भी मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच कर रहा है और सौरभ चंद्राकर के खिलाफ अभियोजन शिकायत दायर कर चुका है।
प्रत्यर्पण को लेकर उठे कानूनी सवाल
दिल्ली में सुनवाई के दौरान सौरभ चंद्राकर के वकील ने दावा किया कि ओमान की अदालत ने केवल ईडी के मामले में प्रत्यर्पण को मंजूरी दी थी, जबकि CBI के मामले में नहीं। उन्होंने कहा कि प्रत्यर्पण की शर्तों के अनुसार CBI उसे अपने मामले में रिमांड पर नहीं ले सकती।
वहीं CBI ने अदालत में कहा कि आरोपी के खिलाफ रायपुर की विशेष अदालत पहले ही गैर-जमानती वारंट जारी कर चुकी है। एजेंसी के अनुसार प्रत्यर्पण से जुड़े कानूनी मुद्दों पर अंतिम फैसला रायपुर की विशेष अदालत करेगी।
महादेव ऐप नेटवर्क का मुख्य प्रमोटर
CBI के मुताबिक, सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल ने मिलकर महादेव ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क तैयार किया था। आरोप है कि देशभर में अलग-अलग पैनल और प्लेटफॉर्म के जरिए ऑनलाइन सट्टा संचालित किया जाता था। सट्टे से जुटाई गई रकम विभिन्न बैंक खातों के माध्यम से हवाला के जरिए विदेश भेजी जाती थी और नेटवर्क का संचालन दुबई से किया जाता था।
116 दिन बाद भारत लाया गया
CBI के अनुसार सौरभ चंद्राकर वर्ष 2023 से फरार था और दुबई में रह रहा था। इंटरपोल के रेड कॉर्नर नोटिस और खुफिया जानकारी के आधार पर 8 जुलाई 2026 को ओमान पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था। भारत सरकार, इंटरपोल, ओमान प्रशासन, CBI और ईडी की संयुक्त प्रक्रिया के बाद उसका प्रत्यर्पण संभव हो सका।
रायपुर पहुंचने के बाद सौरभ चंद्राकर को विशेष CBI अदालत में पेश किया जाएगा। अदालत में रिमांड और प्रत्यर्पण की शर्तों से जुड़े कानूनी पहलुओं पर सुनवाई होगी। इसके बाद CBI और आवश्यकता पड़ने पर ED भी उससे पूछताछ कर सकती है।




