Sanju Tripathi Murder Case: बिलासपुर के चर्चित कांग्रेस नेता संजू त्रिपाठी हत्याकांड मामले में जिला कोर्ट ने सभी 22 आरोपियों को बरी कर दिया है। शुक्रवार को कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा कि अभियोजन पक्ष हत्या की साजिश को साबित नहीं कर पाया। बचाव पक्ष के वकील के मुताबिक, पुलिस द्वारा पेश किए गए सबूत आरोपियों को दोषी ठहराने के लिए पर्याप्त नहीं थे।
संजू त्रिपाठी की 14 दिसंबर 2022 को दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस जांच में दावा किया गया था कि प्रॉपर्टी विवाद के चलते उनके भाई कपिल त्रिपाठी ने हत्या की साजिश रची थी। इस मामले में कपिल त्रिपाठी समेत उत्तर प्रदेश के शूटरों और अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया था।
भाई से प्रॉपर्टी विवाद का मामला
हिस्ट्रीशीटर और कांग्रेस नेता संजू त्रिपाठी का अपने भाई कपिल त्रिपाठी से संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा था। दोनों भाइयों का नाम पहले भी आपराधिक मामलों में सामने आता रहा था। पुलिस के अनुसार, दोनों विवादित जमीनों के सौदों से जुड़े हुए थे और इसी विवाद के चलते हत्या की साजिश रची गई थी।
UP से बुलाए गए थे शूटर
पुलिस की जांच में सामने आया था कि कपिल त्रिपाठी ने हत्या के लिए उत्तर प्रदेश के शूटरों को बुलाया था। आरोप था कि फार्म हाउस में हत्या की पूरी योजना तैयार की गई थी और हथियारों की व्यवस्था भी की गई थी।
सकरी बाइपास पर हुई थी गोली मारकर हत्या
पुलिस के मुताबिक, 14 दिसंबर 2022 को आरोपी अलग-अलग वाहनों से सकरी बाइपास पहुंचे थे। वहां संजू त्रिपाठी की कार को रोककर बदमाशों ने उन पर फायरिंग की थी। इस घटना में उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी। जांच में 6 से 7 राउंड फायरिंग की बात सामने आई थी।
22 आरोपियों पर दर्ज हुआ था केस
इस हत्याकांड में पुलिस ने कुल 22 लोगों को आरोपी बनाया था। इनमें संजू त्रिपाठी के भाई कपिल त्रिपाठी सहित कई अन्य आरोपी शामिल थे। पुलिस ने हत्या की साजिश और वारदात से जुड़े कई दावे किए थे, लेकिन कोर्ट में षड्यंत्र साबित नहीं हो सका। इसके बाद जिला कोर्ट ने सभी आरोपियों को बरी कर दिया।




