CG Dhan Kharidi 2026: आगामी धान खरीदी सीजन को लेकर किसानों के लिए जरूरी सूचना सामने आई है। नए नियमों के अनुसार अब धान बेचने के लिए किसानों को बायोमेट्रिक सत्यापन कराना अनिवार्य होगा। खरीदी केंद्र में किसान या उनके अधिकृत व्यक्ति का फिंगरप्रिंट के माध्यम से सत्यापन किया जाएगा। इस बार केवल ओटीपी के आधार पर खरीदी प्रक्रिया पूरी नहीं की जाएगी।
प्रशासन ने किसानों को सलाह दी है कि वे खरीदी केंद्र जाने से पहले बायोमेट्रिक सत्यापन और टोकन से जुड़ी सभी जानकारी पहले से पूरी कर लें, ताकि खरीदी के समय किसी तरह की परेशानी न हो।
टोकन में दर्ज होगी समान मात्रा
नए नियमों के अनुसार यदि किसी किसान के पास धान की मात्रा अधिक है और उसके लिए एक से ज्यादा टोकन जारी किए जाते हैं, तो सभी टोकनों में धान की मात्रा समान रूप से दर्ज की जाएगी।
उदाहरण के तौर पर यदि किसी किसान के पास 120 क्विंटल धान है और दो टोकन जारी होते हैं, तो दोनों टोकन में 60-60 क्विंटल धान दर्ज होगा। इसी तरह 300 क्विंटल धान के लिए तीन टोकन जारी होने पर प्रत्येक टोकन में 100-100 क्विंटल की मात्रा निर्धारित की जाएगी।
कम धान बेचने पर बची मात्रा होगी निरस्त
किसानों को टोकन में दर्ज मात्रा के अनुसार ही धान बेचने की तैयारी करनी होगी। यदि किसी किसान के टोकन में 100 क्विंटल धान की अनुमति है और वह केवल 80 क्विंटल धान बेचता है, तो बची हुई 20 क्विंटल मात्रा स्वत: निरस्त हो जाएगी।
इस बची हुई मात्रा को अगले टोकन में जोड़ने की सुविधा नहीं दी जाएगी। इसलिए किसानों को सलाह दी गई है कि वे टोकन जारी कराने से पहले अपनी धान की मात्रा का सही अनुमान लगा लें।
खरीदी केंद्र जाने से पहले रखें इन बातों का ध्यान
- किसान या अधिकृत व्यक्ति का फिंगरप्रिंट से बायोमेट्रिक सत्यापन जरूरी होगा।
- टोकन में दर्ज धान की मात्रा और खरीदी की तारीख की जानकारी पहले जांच लें।
- एक से अधिक टोकन होने पर सभी टोकनों में दर्ज मात्रा की पुष्टि कर लें।
- टोकन के अनुसार ही धान बेचने की तैयारी करें, कम मात्रा बेचने पर शेष मात्रा निरस्त हो सकती है।
- खरीदी केंद्र जाने से पहले संबंधित सहकारी समिति से नए नियमों की जानकारी जरूर ले लें।


