रायपुर। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर वर्ष 2026 की तृतीय राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन रायपुर जिले में किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री बलराम प्रसाद वर्मा की उपस्थिति में कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस दौरान न्यायाधीशों, पक्षकारों, अधिवक्ताओं, बैंक अधिकारियों, राजस्व एवं नगर निगम अधिकारियों सहित पैरालीगल वालंटियर्स और विधि के विद्यार्थियों की मौजूदगी रही।
हाईब्रिड माध्यम से हुई सुनवाई
इस बार राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन हाईब्रिड तरीके से किया गया। पक्षकारों ने न्यायालय में उपस्थित होकर और ऑनलाइन माध्यम से भी आपसी समझौते के जरिए प्रकरणों का निराकरण कराया। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने अधिकारियों एवं न्यायाधीशों से अधिक से अधिक मामलों को आपसी समझौते से समाप्त कराने पर जोर दिया, ताकि किसी पक्ष की हार न हो और दोनों पक्षों को राहत मिल सके।

राजस्व मामलों में सबसे अधिक प्रकरणों का निराकरण
लोक अदालत में विभिन्न श्रेणियों के मामलों का निराकरण किया गया। दस्तावेज के अनुसार राजस्व न्यायालयों में 13,42,745 प्रकरण, पारिवारिक न्यायालय में 103 प्रकरण, न्यायालय में लंबित मामलों में लगभग 27,296 प्रकरण, प्री-लिटिगेशन एवं नगर निगम से संबंधित 27,296 प्रकरण, जनोपयोगी सेवाओं से जुड़े 238 प्रकरण तथा मोहल्ला लोक अदालत में 65 प्रकरणों का निराकरण किया गया। इसके अलावा एक वाणिज्यिक न्यायालय के प्रकरण का भी निराकरण हुआ।
लोक अदालत के माध्यम से पक्षकारों को कुल ₹1,03,13,61,484 की राशि प्राप्त हुई।
समझाइश से टूटते परिवार को फिर मिला साथ
लोक अदालत में समझाइश के जरिए पारिवारिक विवादों के समाधान के उदाहरण भी सामने आए। एक मामले में पत्नी द्वारा पति के खिलाफ विवाह विच्छेद की याचिका दायर की गई थी। न्यायालय की समझाइश के बाद दोनों पक्षों ने आपसी मतभेद समाप्त कर फिर से दांपत्य जीवन साथ बिताने पर सहमति जताई और मामला समझौते के आधार पर समाप्त हो गया।
इसी तरह पिता-पुत्र के बीच वर्ष 2021 से चल रहे पैतृक संपत्ति विवाद का भी राष्ट्रीय लोक अदालत में समझौते के जरिए समाधान हुआ। दोनों पक्षों के बीच फिर से मधुर संबंध स्थापित हुए।
धार्मिक विवाद भी समझौते से सुलझा
एक अन्य मामले में दो पक्षों के बीच धार्मिक विवाद चल रहा था। न्यायालय की समझाइश पर दोनों पक्षों ने आपसी मतभेद और धर्म से जुड़े विवाद को छोड़कर समझौता किया और खुशी-खुशी अपने घर लौट गए।
जरूरतमंदों को सहायक उपकरण और श्रमिक कार्ड वितरित
कार्यक्रम के दौरान समाज कल्याण विभाग के सहयोग से 8 श्रवण यंत्र और 2 ट्राई साइकिल वितरित की गईं। श्रम विभाग के सहयोग से असंगठित क्षेत्र के कामगारों को 10 श्रमिक कार्ड भी प्रदान किए गए। वहीं, लोक अदालत में आने वाले पक्षकारों के लिए नि:शुल्क भोजन की व्यवस्था भी की गई।
मुख्य बात: राष्ट्रीय लोक अदालत ने लंबित विवादों को आपसी समझौते से खत्म करने के साथ-साथ पारिवारिक, राजस्व, सिविल, आपराधिक, यातायात चालान और जनोपयोगी सेवाओं से जुड़े मामलों में त्वरित राहत देने का प्रयास किया।

