CG News: छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में घुमका पुलिस पर 2 युवकों के साथ मारपीट करने का आरोप लगा है। परिवार का आरोप है कि हत्या की जांच के दौरान पुलिस ने दोनों युवकों को करीब 36 घंटे तक हिरासत में रखा और उनकी पिटाई की। परिजनों ने युवकों के शरीर पर आए चोट के निशान का वीडियो बनाकर SP को सौंपा है और संबंधित पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की है। वहीं पुलिस ने मामले की जांच कराने की बात कही है।![]()
हत्या मामले में पूछताछ के लिए बुलाया था
दरअसल, करीब एक साल पहले ग्राम बरबसपुर में 70 वर्षीय बिहासीन साहू की अधजली लाश मिली थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या के बाद शव जलाने की पुष्टि हुई थी। इसके बाद घुमका पुलिस मामले की जांच कर रही थी। जांच के दौरान पुलिस ने मृतका के बेटे नेतराम साहू और उनके पोते पवन साहू व प्रदीप साहू को पूछताछ के लिए थाने बुलाया था।
10-12 पुलिसकर्मियों ने की पिटाई
नेतराम साहू ने एसपी को दी शिकायत में आरोप लगाया है कि करीब 10 से 12 पुलिसकर्मियों ने उनके बेटों पवन और प्रदीप के साथ लाठी से मारपीट की। आरोप है कि दोनों पर हत्या कबूल करने का दबाव बनाया गया।
परिवार का कहना है कि मारपीट के कारण दोनों युवकों की तबीयत खराब हो गई। आरोप यह भी है कि हिरासत के दौरान उन्हें परिजनों और वकील से मिलने नहीं दिया गया।
गांव के बाहर छोड़ने का आरोप
परिजनों के अनुसार, करीब 36 घंटे पूछताछ के बाद 20 अगस्त की शाम पुलिस तीनों को बरबसपुर के बाहर छोड़कर चली गई। इसके बाद पवन और प्रदीप की हालत बिगड़ने पर उन्हें मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसके बाद परिवार और ग्रामीणों ने SP कार्यालय पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई और कार्रवाई की मांग की।
परिजनों ने बताया खुद को निर्दोष
एसपी को दी शिकायत में नेतराम साहू ने दावा किया कि घटना के समय वह अपने दोनों बेटों के साथ दूसरे गांव में गए हुए थे। उनका आरोप है कि पुलिस असली आरोपियों की तलाश करने के बजाय उन्हें मामले में फंसाने का प्रयास कर रही है।
पुलिस ने जांच की बात कही
एडिशनल एसपी कीर्तन राठौर ने बताया कि तीनों मृतका के रिश्तेदार हैं और मामले में मुख्य संदेही हैं। इसी आधार पर उनसे पूछताछ की जा रही थी। उन्होंने कहा कि हिरासत में मारपीट और दुर्व्यवहार के आरोपों की अलग से जांच की जा रही है। हत्या मामले की जांच भी जारी है।


