Dhamtari News: छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में महानदी किनारे बसे खरेंगा गांव से मानवता को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। यहां अवैध रेत खनन के दौरान श्मशान घाट की जमीन को खोद डाला गया, जिससे 10 से अधिक मानव कंकाल बाहर आ गए। घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।![]()
ग्रामीणों का आरोप है कि रेत माफियाओं ने अवैध उत्खनन के लिए श्मशान घाट में 6 से 7 फीट गहरे गड्ढे खोद दिए। इसी दौरान वर्षों पहले दफनाए गए लोगों के अवशेष बाहर निकल आए। घटना की जानकारी मिलने के बाद प्रशासन मौके पर पहुंचा और मिले कंकालों को दोबारा दफनाया गया।
परिजनों को नहीं पता, किसका कंकाल कहां दफनाया गया
ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन ने कंकालों को दोबारा दफना तो दिया, लेकिन किसी को यह जानकारी नहीं दी गई कि किस व्यक्ति के अवशेष किस स्थान पर दफन किए गए हैं। इससे उन परिवारों की चिंता बढ़ गई है, जिन्होंने अपने परिजनों को इसी श्मशान घाट में दफनाया था। गांव के लोगों का कहना है कि अब उन्हें इस बात का डर सता रहा है कि भविष्य में उनके परिजनों की कब्रें भी सुरक्षित नहीं रहेंगी।
10 कंकाल मिलने के बाद भी जारी रहा खनन
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि मानव कंकाल मिलने जैसी गंभीर घटना के बाद भी अवैध रेत खनन नहीं रुका। उनका दावा है कि उसी रात फिर से रेत की खुदाई की गई, जिससे लोगों में और अधिक नाराजगी फैल गई है।
श्मशान घाट में जगह-जगह गहरे गड्ढे
महानदी किनारे स्थित श्मशान घाट में अब दूर-दूर तक रेत के बड़े ढेर और गहरे गड्ढे दिखाई दे रहे हैं। कुछ गड्ढे इतने बड़े हैं कि उनमें आसानी से ट्रैक्टर उतर सकता है। ग्रामीणों का कहना है कि यह वही स्थान है जहां पीढ़ियों से गांव के लोग अपने परिजनों का अंतिम संस्कार और दफन संस्कार करते आए हैं।
घटना के बाद ग्रामीणों ने अवैध रेत खनन पर रोक लगाने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।





