Bilaspur News: गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय (GGU Data Leak) सहित देशभर के केंद्रीय विश्वविद्यालयों में प्रवेश, परीक्षा और प्रशासनिक कार्यों के लिए उपयोग किए जाने वाले समर्थ पोर्टल में कथित सुरक्षा चूक की खबर सामने आने के बाद शिक्षा जगत में हड़कंप मच गया है। लॉगिन आईडी और पासवर्ड सार्वजनिक होने की सूचना के बाद छात्रों, अभिभावकों और विश्वविद्यालय प्रशासन की चिंता बढ़ गई है।![]()
जानकारी के अनुसार इस सुरक्षा चूक के चलते विश्वविद्यालयों के संवेदनशील डेटा, परीक्षा संबंधी दस्तावेज और विद्यार्थियों की निजी जानकारी लीक होने की आशंका जताई जा रही है। मामला सामने आने के बाद गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है और तकनीकी स्तर पर जांच शुरू कर दी गई है।
32 विभागों के प्रश्नपत्र लीक की आशंका
बताया जा रहा है कि जीजीयू के लगभग 32 विभागों से जुड़े प्रश्नपत्र, परीक्षा परिणाम और अन्य गोपनीय दस्तावेज संभावित रूप से प्रभावित हो सकते हैं। परीक्षा से पहले कुछ छात्रों तक प्रश्नपत्र पहुंचने के दावे भी सामने आए हैं, जिससे पेपर लीक की आशंका को बल मिला है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने अधिकारियों की आपात बैठक बुलाकर स्थिति की समीक्षा की है। साथ ही तकनीकी एजेंसियों के सहयोग से यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि लॉगिन क्रेडेंशियल किस स्तर पर लीक हुए।
प्रवेश से लेकर परीक्षा तक का डेटा दांव पर
समर्थ पोर्टल केंद्रीय विश्वविद्यालयों में प्रवेश प्रक्रिया, परीक्षा प्रबंधन, दस्तावेज सत्यापन, भर्ती प्रक्रिया और प्रशासनिक कार्यों के लिए प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में उपयोग किया जाता है। इस पोर्टल पर विद्यार्थियों के मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी, पहचान दस्तावेज, अंकसूचियां और अन्य महत्वपूर्ण शैक्षणिक रिकॉर्ड सुरक्षित रखे जाते हैं।
इसके अलावा पीएचडी प्रवेश परीक्षा, वित्तीय दस्तावेज और कर्मचारी भर्ती से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां भी इसी प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध रहती हैं। ऐसे में डेटा लीक की आशंका ने डिजिटल सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
छात्रों और अभिभावकों में बढ़ी चिंता
पोर्टल से जुड़ी खबर सामने आने के बाद छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है। उनका कहना है कि प्रवेश और परीक्षा से जुड़ी लगभग सभी महत्वपूर्ण जानकारियां इसी प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध रहती हैं। ऐसे में डेटा के दुरुपयोग की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
5 सदस्यीय जांच समिति गठित
विश्वविद्यालय प्रबंधन ने पूरे मामले की जांच के लिए 5 सदस्यीय समिति का गठन किया है। समिति को 7 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
सूत्रों के अनुसार यदि जांच में प्रश्नपत्र लीक होने या परीक्षा प्रक्रिया प्रभावित होने की पुष्टि होती है, तो कुछ परीक्षाओं को रद्द करने पर भी विचार किया जा सकता है। हालांकि विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से फिलहाल आधिकारिक रूप से इसकी पुष्टि नहीं की गई है।


