CG News: अब मजदूर और कारीगरों की तलाश के लिए लोगों को चौक-चौराहों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। छत्तीसगढ़ शासन और श्रम विभाग द्वारा शुरू किए गए “ई-श्रम साथी” मोबाइल ऐप के जरिए अब घर बैठे ही राजमिस्त्री, प्लंबर, इलेक्ट्रिशियन और अन्य श्रमिक आसानी से उपलब्ध होंगे। इस डिजिटल पहल को अपनाने में बिलासपुर जिला पूरे प्रदेश में पहले स्थान पर पहुंच गया है।
श्रमिक और नियोक्ता एक ही प्लेटफॉर्म पर
ई-श्रम साथी ऐप श्रमिकों और जरूरतमंद लोगों को एक ही प्लेटफॉर्म पर जोड़ने का काम कर रहा है। ऐप के माध्यम से श्रमिक अपना नाम, मोबाइल नंबर, कार्यक्षेत्र और मजदूरी दर दर्ज कर पंजीयन करा सकते हैं। वहीं आम नागरिक अपनी आवश्यकता के अनुसार नजदीकी और सत्यापित कारीगरों से सीधे संपर्क कर सकते हैं।
बिचौलियों से मिलेगी राहत
इस ऐप के जरिए श्रमिकों और ग्राहकों के बीच सीधा संपर्क स्थापित होगा, जिससे बिचौलियों की भूमिका खत्म होगी। इससे श्रमिकों को उचित मजदूरी मिलने के साथ-साथ लोगों का समय और पैसा दोनों बच सकेगा।
बिलासपुर प्रदेश में नंबर-1
बिलासपुर जिले में अब तक 249 श्रमिकों ने ई-श्रम साथी ऐप में पंजीयन कराया है, जिससे जिला पूरे प्रदेश में पहले स्थान पर पहुंच गया है। प्रशासन का कहना है कि आने वाले दिनों में और अधिक श्रमिकों को इस प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा।
कलेक्टर संजय अग्रवाल ने कहा कि ई-श्रम साथी ऐप श्रमिकों को सीधे रोजगार से जोड़ने और उन्हें सम्मानजनक आजीविका उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। इससे असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को डिजिटल प्लेटफॉर्म का लाभ मिलेगा और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
