NEET Paper Leak: नई दिल्ली में सामने आए NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में CBI जांच के दौरान कई बड़े खुलासे हुए हैं। जांच एजेंसी की रिमांड नोट के मुताबिक मेडिकल एंट्रेंस परीक्षा का पेपर 10 से 12 लाख रुपये में बेचा गया था। आरोप है कि लीक पेपर WhatsApp और Telegram के जरिए कई उम्मीदवारों तक पहुंचाया गया।![]()
मामले में अब तक 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें से 5 आरोपियों को अदालत ने 7 दिन की CBI कस्टडी में भेजा है। एजेंसी पूरे नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
CBI जांच में सामने आया है कि अप्रैल 2026 में नासिक निवासी शुभम ने गुरुग्राम के यश यादव की मुलाकात राजस्थान के मंगीलाल खटीक से कराई थी। मंगीलाल अपने बेटे के लिए लीक पेपर चाहता था। इसके बाद 10 से 12 लाख रुपये में सौदा तय हुआ।
आरोप है कि शुभम ने पैसे के बदले Physics, Chemistry और Biology के करीब 500 से 600 सवाल उपलब्ध कराने का दावा किया था। CBI के मुताबिक 29 अप्रैल को Telegram के जरिए PDF फाइल शेयर की गई थी। डील के अनुसार यदि असली परीक्षा में 150 सवाल मैच होते, तो पूरी रकम दी जानी थी।
जांच एजेंसी का दावा है कि मंगीलाल ने यह पेपर अपने बेटे अमन बिवाल, रिश्तेदारों और अन्य NEET अभ्यर्थियों तक पहुंचाया। लीक पेपर और उत्तरों की कॉपी पैसे लेकर कई छात्रों को बेची गई थी।
पूछताछ में यह भी सामने आया कि सीकर में कोचिंग के दौरान विकास बिवाल की मुलाकात यश यादव से हुई थी। यश ने पैसे लेकर पेपर उपलब्ध कराने का भरोसा दिया था। इसके बाद कई उम्मीदवारों की जानकारी WhatsApp और Instagram के जरिए साझा की गई।
CBI को आरोपियों के मोबाइल फोन से संदिग्ध चैट, PDF फाइलें और कई दस्तावेज मिले हैं। एजेंसी के अनुसार कुछ डिजिटल सबूत डिलीट किए गए थे, लेकिन फॉरेंसिक जांच के जरिए पूरे नेटवर्क की पड़ताल की जा रही है।
जांच में यह भी सामने आया है कि लीक पेपर कई राज्यों के उम्मीदवारों तक पहुंचाए गए थे, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है। CBI अब इस रैकेट से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है।


