Dholkal Ganesh: बैलाडीला की पहाड़ियों में स्थित ढोलकल गणेश तक पहुंचना अब श्रद्धालुओं के लिए पहले से आसान होने वाला है। कठिन और खड़ी चढ़ाई को देखते हुए प्रशासन द्वारा यहां चट्टानों को तराशकर सुगम मार्ग तैयार किया जा रहा है। करीब 3000 फीट ऊंचाई पर स्थित इस प्राचीन प्रतिमा तक पहुंचने के लिए पाथ-वे का निर्माण तेजी से जारी है।
इस परियोजना के तहत रास्ते के साथ-साथ हट (झोपड़ियां), बैठने की व्यवस्था और अन्य बुनियादी सुविधाएं भी विकसित की जा रही हैं। पहाड़ी के नीचे भव्य प्रवेश द्वार बनाया गया है, जहां पेयजल और विश्राम की व्यवस्था भी की गई है। आने वाले समय में यहां कैंपिंग की सुविधा भी उपलब्ध कराने की योजना है।
वन विभाग द्वारा तैयार किए जा रहे इस नए मार्ग से न केवल श्रद्धालुओं को सुविधा मिलेगी, बल्कि दंतेवाड़ा जिले में पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। पर्यटकों की सुरक्षा और मार्गदर्शन के लिए गाइड की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है।
ट्रैकिंग के नियम और समय
ढोलकल गणेश तक ट्रैकिंग के लिए सुबह 7:30 बजे से दोपहर 2 बजे तक का समय निर्धारित किया गया है। सभी पर्यटकों को शाम 5 बजे तक वापस लौटना अनिवार्य होगा। ट्रैकिंग के दौरान संगीत बजाने पर रोक है और गाइड साथ ले जाना जरूरी किया गया है। साथ ही पॉलीथिन और प्लास्टिक ले जाना प्रतिबंधित है तथा बाहरी भोजन ले जाने की अनुमति नहीं है।
बैलाडीला की पहाड़ियों पर स्थित भगवान गणेश की यह प्रतिमा लगभग 3 फीट ऊंची है, जिसे 10वीं-11वीं शताब्दी के नागा वंश काल का माना जाता है। प्राकृतिक सुंदरता और ऐतिहासिक महत्व के कारण यह स्थल श्रद्धालुओं और पर्यटकों के बीच खास आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।


