RTE Admission 2026: RTI एडमिशन प्रक्रिया सुस्त, सिर्फ 62% आवेदनों की जांच पूरी; 14 हजार से ज्यादा लंबित

RTE Admission 2026

RTE Admission 2026: छत्तीसगढ़ में नए शिक्षा सत्र की शुरुआत 1 अप्रैल से हो चुकी है, लेकिन आरटीई के तहत पहली कक्षा में प्रवेश प्रक्रिया बेहद धीमी गति से चल रही है। कुल 38,438 आवेदनों में से अब तक केवल 23,766 यानी 62 प्रतिशत आवेदनों की ही जांच पूरी हो पाई है, जबकि 14,600 से अधिक आवेदन अभी भी लंबित हैं।

डेडलाइन के बाद भी अधूरी प्रक्रिया

DPI ने पंजीयन और नोडल वेरीफिकेशन के लिए 16 फरवरी से 31 मार्च तक का समय निर्धारित किया था, लेकिन तय समयसीमा के बाद भी प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है। अधिकारियों के अनुसार, नोडल प्राचार्यों स्तर पर धीमी जांच इसकी मुख्य वजह मानी जा रही है।

कई जिलों में जांच धीमी

प्रदेश के कई जिलों में नोडल वेरीफिकेशन की स्थिति बेहद खराब है, जहां 10 से 20 प्रतिशत तक आवेदन लंबित हैं। कुछ जिलों में तो 10 प्रतिशत से भी कम जांच हो पाई है।

नोडल वेरीफिकेशन समय पर पूरा करने वाला एकमात्र जिला गरियाबंद है, जहां पेंडेंसी 0 प्रतिशत है। वहीं रायपुर, कोरिया और दंतेवाड़ा जैसे जिलों में लंबित आवेदन 3 प्रतिशत से कम हैं। रायपुर में सबसे अधिक 7,485 आवेदन आए थे, जिनमें से 5,216 की जांच पूरी हो चुकी है।

 

आंकड़ा (1 अप्रैल 2026 तक)

• कुल आवेदन – 38,438
• जांच पूरी – 23,766
• लंबित आवेदन – 14,600

नोडल वेरीफिकेशन के बाद 13 से 17 अप्रैल के बीच लॉटरी के जरिए स्कूल आवंटन होना है। लेकिन यदि जांच प्रक्रिया समय पर पूरी नहीं हुई, तो एडमिशन शेड्यूल आगे बढ़ सकता है। इससे 1 से 30 मई के बीच होने वाले प्रवेश प्रभावित हो सकते हैं। प्रक्रिया में देरी के कारण अभिभावक असमंजस की स्थिति में हैं और जानकारी के लिए इधर-उधर भटक रहे हैं।

 

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